जनपद जालौन, 04 अक्टूबर 2025 — सूचना विभाग, प्रकाशनार्थ।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने शनिवार को तहसील उरई सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जनसामान्य की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
इस दौरान कुल 43 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 16 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशन में शासन आमजन की समस्याओं के शीघ्र, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागज़ों पर न होकर शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि के आधार पर किया जाए।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम कुकुरगांव निवासी श्याम जी ने दाखिल-खारिज आदेश में नाम गलत दर्ज होने की शिकायत प्रस्तुत की, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल नाम संशोधन की कार्रवाई कराकर राहत प्रदान की।
इसी बीच एक अनाथ बालिका नम्रता अपने दो छोटे जुड़वा भाइयों और एक बहन के साथ प्रार्थना पत्र लेकर पहुँची। उसने बताया कि उसके माता-पिता एवं दादा-दादी सभी का निधन हो चुका है और वह अपने भाई-बहनों के साथ पढ़ाई जारी रखना चाहती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि बच्चियों को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में तत्काल दाखिला दिलाया जाए तथा यूनिफॉर्म, किताबें व अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
साथ ही छोटे बच्चों की देखरेख हेतु उन्हें राजकीय शिशु सदन झाँसी या ललितपुर में सुरक्षित आश्रय दिलाने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि इन बच्चों की पूर्ण देखरेख उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं अन्य शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कराया जाएगा, ताकि माननीय मुख्यमंत्री जी के उस उद्देश्य की पूर्ति हो सके जिसके अंतर्गत प्रदेश सरकार हर अनाथ एवं असहाय बच्चे को सुरक्षित भविष्य, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नेहा ब्याडवाल, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र देव शर्मा, सीओ अर्चना सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
