जनपद जालौन, 08 नवम्बर 2025
(सूचना विभाग, प्रकाशनार्थ)
जनपद जालौन के जिलाधिकारी श्री राजेश कुमार पाण्डेय ने शनिवार सुबह लगभग 8:30 बजे जिला चिकित्सालय (पुरुष) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, क्षय रोग अनुभाग, रेडियोलॉजी, ऑर्थो वार्ड, महिला मेडिकल वार्ड, आयुष्मान वार्ड, पोषण पुनर्वास केंद्र एवं पैथोलॉजी सहित विभिन्न इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक आर्या, परामर्शदात्री डॉ. गरिमा तिवारी, डॉ. स्वाति श्रीवास्तव, डॉ. गोपाल कृष्ण सोनी, चेस्ट फिजिशियन डॉ. शिवेश वर्मा, जनरल सर्जन डॉ. के.पी. सिंह एवं डॉ. आदिल अंसारी ओपीडी में अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को निर्देशित किया कि सभी अनुपस्थित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में अनुपस्थित रहने पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान आयुष विंग के दो कक्ष बंद पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसे स्थानों पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं ताकि मरीजों को चिकित्सक तक पहुंचने में असुविधा न हो।
रोग नियंत्रण केंद्र के कर्मचारी निर्धारित यूनिफॉर्म में उपस्थित नहीं थे, जिस पर जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि सभी चिकित्सक एवं कर्मचारी निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करें।
उन्होंने डिजिटल एक्स-रे कक्ष के बाहर टेक्नीशियन का नाम व एक्स-रे किए जाने वाले दिवसों की जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए।
महिला मेडिकल वार्ड में सभी बेड खाली पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। स्टाफ नर्स ने बताया कि चार मरीज भर्ती थे परंतु रात में घर चले गए। जिलाधिकारी ने कहा कि भर्ती मरीजों का अस्पताल छोड़ना नियमों के विपरीत है। इस पर उन्होंने सीएमएस को निर्देशित किया कि स्पष्टीकरण प्राप्त कर जिम्मेदारी तय की जाए।
पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में पाँच बच्चे भर्ती मिले, जिनकी खानपान व देखभाल व्यवस्था की जिलाधिकारी ने सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्र में सीसीटीवी कैमरे शीघ्र स्थापित किए जाएं ताकि सभी गतिविधियों की निगरानी सुनिश्चित हो सके।
पैथोलॉजी विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि मरीजों को जांच रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों एवं उनके परिजनों से वार्ता कर उपचार, सुविधाओं एवं व्यवहार के संबंध में फीडबैक लिया। सभी मरीजों ने बताया कि चिकित्सालय परिसर में सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा किसी प्रकार की अतिरिक्त धनराशि की मांग नहीं की जाती।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि अस्पताल में स्वच्छता, अनुशासन एवं समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में कोई लापरवाही न हो।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक श्री आनंद उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
