उरई (जालौन), 18 नवंबर। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, जिले की न्यायिक टीम ने कल (18 नवंबर) को जनपद में संचालित दो प्रमुख आश्रय स्थलों—राठ रोड स्थित वृद्धाश्रम और लहरियापुरवा स्थित आश्रय-गृह (शेल्टर होम)—का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
🩺 वृद्धाश्रम में संवासियों से लिया फीडबैक
न्यायिक अधिकारियों ने सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा शिवा ग्रामोत्थान सेवा संस्था के सहयोग से संचालित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया।
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संवासी उपस्थिति: निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में 123 संवासी उपस्थित मिले।
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खानपान: संवासियों ने बताया कि उन्हें चाय-नाश्ता और सुबह-शाम का भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार समय से मिल रहा है।
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चिकित्सा व्यवस्था: मेडिकल डिस्पेंसरी में आवश्यक दवाएं मिलीं, लेकिन स्टाफ नर्स जिला अस्पताल गई हुई पाई गईं।
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समस्या: पूछने पर किसी भी संवासी द्वारा कोई समस्या नहीं बताई गई।
🏠 आश्रय गृह में व्यवस्थाओं का अवलोकन
इसके बाद, नगर पालिका परिषद उरई के सहयोग से मुहाल लहरियापुरवा में एक लखनऊ के एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) की जांच की गई।
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उपस्थिति: निरीक्षण के समय आश्रय गृह के प्रबंधक उपस्थित मिले, लेकिन केयर टेकर (श्रीमती पूजा) पारिवारिक आपातकाल (ससुर को हार्ट अटैक) के कारण मेडिकल कॉलेज गई हुई थीं।
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दवाएं और रिकॉर्ड: मेडिकल डिस्पेंसरी में समस्त दवाएं व्यवस्थित पाई गईं। हालांकि, आश्रित पंजिका में पूर्व तिथि में कोई भी नया आश्रित पंजीकृत नहीं मिला।
न्यायिक अधिकारियों ने दोनों आश्रय स्थलों में रह रहे आश्रितों के रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा।
👥 अनुश्रवण समिति में शामिल अधिकारी
निरीक्षण करने वाली अनुश्रवण समिति में शामिल थे:
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श्री सतीश चन्द्र द्विवेदी (अपर जिला जज प्रथम)
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श्रीमती पारुल पँवार (अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण)
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श्री अभिषेक खरे (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट)
