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जापान। चीन ने जापान को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जापान रूस के साथ मिलकर पूर्वी चीन सागर और जापान सागर में पेट्रोलिंग कर रहा है, जो चीन के लिए चिंता का विषय है। चीन ने साफ कहा कि वह इस पर नजर रखेगा और अगर जरूरत पड़ी तो कड़ी कार्रवाई करेगा।
चीन ने क्या कहा? चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “जापान और रूस द्वारा संयुक्त पेट्रोलिंग और सैन्य गतिविधियाँ चीन की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हम इस पर नजर रख रहे हैं और अगर जापान इस तरह की हरकतें जारी रखेगा तो हमें मजबूरन जवाब देना पड़ेगा।”
क्या है पूरा मामला?
- जापान और रूस ने हाल ही में पूर्वी चीन सागर और जापान सागर में संयुक्त पेट्रोलिंग की
- इसमें जापानी और रूसी नौसेना के जहाज शामिल थे
- चीन का कहना है कि यह उसके हितों के खिलाफ है
- चीन ने पहले भी जापान पर आरोप लगाया था कि वह अमेरिका के साथ मिलकर चीन को घेरने की कोशिश कर रहा है
जापान का जवाब जापान ने चीन के बयान को खारिज करते हुए कहा कि वह अपने क्षेत्र में रूटीन गश्त कर रहा है और किसी देश की संप्रभुता पर हमला नहीं कर रहा। जापान ने कहा कि चीन की ओर से लगातार उकसावे वाली कार्रवाई हो रही है।
अमेरिका की भूमिका अमेरिका ने जापान का साथ देते हुए कहा कि वह जापान के साथ खड़ा है और चीन की आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेगा।
चीन-जापान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की उम्मीद कमजोर पड़ गई है। क्या यह नया युद्ध का संकट है? दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं।
