चालकों के नेत्र और मधुमेह की जांच, दुर्घटनाओं से बचाव के दिए गए टिप्स
संवाददाता (जालौन)
यातायात माह नवंबर 2025 के तहत सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाने हेतु, परिवहन विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आटा टोल प्लाजा पर गुरुवार को एक विशेष स्वास्थ्य एवं मधुमेह (शुगर) जांच शिविर का आयोजन किया।
शिविर का विवरण
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सहभागी: शिविर में कुल 67 चालक, लाइसेंस आवेदक और परिचालक पहुँचे।
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जांच: इनकी स्वास्थ्य, नेत्र और शुगर की जांच विशेषज्ञों/चिकित्सकों की टीम द्वारा की गई।
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निष्कर्ष: मौके पर मिली रिपोर्ट के अनुसार, कुछ चालकों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ पाई गईं, जिन्हें चिकित्सीय परामर्श और उपचार संबंधी सलाह दी गई।
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उपस्थिति: सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रथम दल राजेश कुमार, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. हरीचरण, परियोजना प्रमुख उत्तम सिंह, प्रबंधक इंगलेश शर्मा, अंकेश श्रीवास्तव, सुरक्षा प्रबंधक इरफान और घटना प्रबंधन टीम मौजूद रही।
सुरक्षा जागरूकता और निर्देश
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार ने चालकों को सड़क सुरक्षा के नियमों के पालन की अपील करते हुए कहा:
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सुरक्षा उपकरण: हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करें।
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नशे से परहेज: शराब पीकर वाहन न चलाना और मोबाइल के इस्तेमाल से बचना दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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स्वस्थ जीवन: उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और जागरूकता से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
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नियमों का पालन: उन्होंने वाहन चलाते समय अपनी लेन में चलना, साइड इंडिकेटर का प्रयोग करना तथा क्षमता से अधिक माल व सवारियाँ न ढोना को सड़क सुरक्षा के अहम नियम बताया।
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घायलों की मदद: उन्होंने दुर्घटना में घायलों को सहायता देने तथा सुरक्षित तरीके से वाहन संचालन की सीख दी।
टोल प्लाजा की नई पहल
आयोजकों ने बताया कि टोल प्लाजा पर जल्द ही दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए प्राथमिक उपचार सुविधा शुरू की जाएगी, जिसका फायदा दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल राहत मिलने में होगा।
साथ ही, राजेश कुमार द्वारा विभिन्न वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगवाकर चालकों को सड़क सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई।
