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गौस-ए-आजम की याद में अजीमुश्शान तरीके से मनाया गया जश्न गौसुल वरा

 

जिला संवाददाता अमित गुप्ता

कालपी, जालौन

 

कालपी/जालौन गौस-ए-आजम हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी रहमतुल्लाह अलैह की याद में ग्यारहवीं शरीफ के अवसर पर दारुल उलूम गौसिया मजीदिया में जश्न गौसुल वरा धूमधाम से मनाया गया। बीती रात को मदरसा परिसर में आयोजित जलसे में उलेमा-ए-कराम ने गौस पाक की जिंदगी, उनकी शिक्षाओं और उनके बताए रास्ते पर चलने का पैगाम दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता दारुल उलूम गौसिया मजीदिया के संस हाफिज इरशाद अशरफी ने की। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर जश्न गौसुल वरा का आयोजन होता आ रहा है और इस वर्ष भी कार्यक्रम पूरी शानो-शौकत के साथ आयोजित किया गया।

रात नौ बजे से जलसे का आगाज हुआ। मुफ्ती-ए- शहर मौलाना अशफाक बरकाती ने गौस पाक की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके बताए हुए नेक रास्ते और फरमानों पर अमल करके इंसान अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने का प्रयास कर सकता है। बलरामपुर से पधारे मौलाना मुर्तजा शरीफी ने भी अपनी तकरीर में गौस-ए-आजम की जिंदगी और उनके संदेश को विस्तार से बयान किया। मौलाना सैय्यद अब्दुल हमीद ने अपनी पुरकशिश आवाज में नात-ए-पाक पेश कर समां बांध दिया। कार्यक्रम का संचालन शब्बीर अशरफी कानपुरी द्वारा किया। जलसे की शुरुआत कारी दिलशाद रजा ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत से की। इसके बाद हाफिज फैज और गुलाम वारिस ने नात-ए-पाक पेश की।दारुल उलूम के प्रिंसिपल मुफ्ती तारिक बरकाती ने बाहर से आए तमाम मेहमानों का फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में कारी जरीफ, मौलाना इमरान, हाफिज वसीम, हाफिज शहबाज, हाजी मुजीब अल्लामा, हाजी इलियास रहमानी, हाजी जहीरुद्दीन मुन्ना, हारून भाई, वसीम खलीफा, आसिफ कुरैशी एडवोकेट, कलीम, अतीकुर्रहमान, कामिल, महबूब सिद्दीकी, सईद सिद्दीकी, लालू सिद्दीकी, कल्लन सिद्दीकी, शाकिर बाबा, बंदे अंसारी सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।

 

फोटो – जलसे को सम्बोधित करते मौलाना

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