जिला संवाददाता अमित गुप्ता
कालपी जालौन
कालपी/जालौन बीती रात को ऐतिहासिक नगर कालपी में सदियों पुरानी लोक-सांस्कृतिक परंपरा के तहत टेसू राजा की बारात धूमधाम तथा उल्लास के साथ निकाली गई। बारात के आयोजन से पूरे नगर में किसी बड़े पर्व तथा उत्सव का माहौल देखने को मिला।
स्थानीय नगर के मोहल्लों राजेपुरा,रमचबूतरा, उदनपुरा निकासा, मिर्जा मंडी आदि स्थानों में गाजे-बाजे और पारंपरिक लोकगीतों की गूंज के साथ निकली इस बारात तथा उसमें उमड़ी चहल-पहल से रौनक दिखाई दी।
दशहरे से लेकर शरद पूर्णिमा तक बच्चों और युवाओं द्वारा टेसू और झिंझिया (झांझी) का पर्व मनाया जाता है।
मालूम हो कि शरद पूर्णिमा के दिन टेसू (दूल्हा) और झिंझिया (दुल्हन) का प्रतीकात्मक विवाह व बारात निकाली जाती है। इस पारंपरिक विवाह के संपन्न होने के बाद ही क्षेत्र में मांगलिक कार्यों व विवाह सहालग की शुरुआत होती है। टेसू की बारात के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध लोक-संस्कृति से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास साबित हुआ।
फोटो – टेंसू – झिंझियां के विवाह का दृश्य
