नेपाल की सियासत गर्म: मधेस सरकार को भंग करने की मांग को लेकर 7 दलों का धरना जारी, आज सर्वोच्च अदालत में सुनवाई

काठमांडू/एजेंसी, 18 नवंबर। नेपाल में मधेस प्रदेश सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिरोध और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। मधेस सरकार को रद्द करने की मांग करते हुए सात राजनीतिक दलों के विधायकों का धरना प्रदर्शन आज मंगलवार को सातवें दिन भी मधेस भवन के सामने जारी रहा।

🏛️ सर्वोच्च अदालत में दायर याचिका पर आज सुनवाई

इस मामले में दायर याचिका पर आज सर्वोच्च अदालत में सुनवाई हो रही है। प्रदर्शनकारी दलों में नेपाली कांग्रेस, जसपा नेपाल, जनमत पार्टी, नेकपा माओवादी केंद्र, लोसपा, नेकपा एकीकृत समाजवादी और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी शामिल हैं।

📜 क्यों उठ रही है सरकार रद्द करने की मांग?

प्रदर्शनकारी दलों का कहना है कि मधेस सरकार का गठन अवैधानिक तरीके से किया गया था, इसलिए इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।

  • आधार: इन सात दलों के गठबंधन का कहना है कि संविधान की धारा 168 (3) के अनुसार तत्कालीन प्रदेश प्रमुख सुमित्रा सुबेदी भंडारी ने सबसे बड़े दल के रूप में नेकपा (एमाले) के विधायक दल के नेता सरोज कुमार यादव के नेतृत्व में सरकार का गठन किया था, जो कि असंवैधानिक है।

⚖️ न्यायपालिका पर जताया विश्वास

मधेस प्रदेश सभा सदस्य राजकुमार गुप्ता ने अदालत पर विश्वास जताते हुए कहा कि न्यायालय संविधान की रक्षा करेगा और लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अदालत गैर-संवैधानिक समूह को न्याय के माध्यम से पराजित करेगी।

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