ऋण मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें बैंकर्स — जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने नाबार्ड द्वारा जारी पुस्तक का किया विमोचन
संवाददाता — कानपुर देहात
कपिल सिंह, जिलाधिकारी कानपुर देहात की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DCC) की संयुक्त बैठक माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष, कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक ऋण योजना सहित विभिन्न सरकार प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत जनपद के बैंकों को आवंटित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि ऋण पत्रावलियों को बैंकों में अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा अपूर्ण पत्रावलियों को विभाग, बैंक एवं आवेदक के साथ समन्वय स्थापित कर पूर्ण कराते हुए नियमानुसार शीघ्र स्वीकृत किया जाए।
जिलाधिकारी ने बैंकों को सीडी रेशियो (ऋण-जमा अनुपात) बढ़ाने तथा ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को समयबद्ध करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, अतः बैंक अधिकारी रुचि लेते हुए लंबित ऋण मामलों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें। अनावश्यक विलंब से न केवल बैंकिंग सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, बल्कि योजनाओं का लाभ भी समय पर आमजन तक नहीं पहुंच पाता।
जिलाधिकारी ने कृषकों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों के अधिकाधिक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाए जाने तथा विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण-जमा अनुपात में वृद्धि के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने IGRS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायत निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ता से संवाद कर फीडबैक अवश्य लिया जाए तथा संतुष्टि के उपरांत ही शिकायत का निस्तारण किया जाए।
बैठक में ऋण-जमा अनुपात में अपेक्षित वृद्धि, वार्षिक ऋण योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों को KCC से संतृप्त करना, दीनदयाल अंत्योदय योजना–NRLM, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री उद्यमी विकास अभियान, पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, स्वतः रोजगार योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना–NULM सहित विभिन्न योजनाओं में बैंकवार लक्ष्य एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा नाबार्ड एवं आरसेटी द्वारा संचालित कार्यों की समीक्षा की गई तथा नाबार्ड द्वारा जारी पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, एलडीएम राकेश कुमार, डीसी NRLM गंगाराम वर्मा, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, रिज़र्व बैंक के पदाधिकारी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
