नई दिल्ली। संसद में विपक्षी दलों के हंगामे के बीच शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक पर जोरदार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार का जवाब सुनना ही नहीं चाहता। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सरकार की तरफ से सारी आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने फड का दुरुपयोग किया, लेकिन हमारी सरकार ने विकास कार्यों पर खर्च करने पर जोर दिया। शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि सरकार किसानों के साथ-साथ गरीबों के कल्याण के लिए विधेयक लाई है, जिसका विपक्ष किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, सबसे पहले इस पवित्र सदन में मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूँ। सभापति महोदय को धन्यवाद देना चाहता हूँ इस विषय पर चर्चा कराने के लिए।
हमने माननीय सदस्यों के विचार सुने हैं। अब जवाब देना मेरा अधिकार है। मैं आपसे संरक्षण चाहता हूँ। मैंने रात के डेढ़ बजे तक माननीय सदस्यों की बात सुनी है। अपनी बात सुना देना और फिर जवाब न सुना ये लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार करना है। संविधान की धज्जियां उड़ाना है। ये बापू के आदर्शों की हत्या भी कर रहे हैं। अपनी बात सुना दो और हमारा न सुना। ये भी हिस्सा है। यह बापू के आदर्शों की हत्या करने का काम कांग्रेस और बाकी विपक्ष कर रहे हैं।
कृषि मंत्री ने कहा, यह गांवों के विकास का विधायक है। माननीय प्रतिपक्षी सदस्यों ने कई तरह के आरोप लगाए। एक बात यह कही कि हम गांधी के आदर्शों पर चलने वाले लोग, कृषि मंत्री
उन्होंने कहा, सबसे पहले मैं पूज्य बापू (राष्ट्रपिता महात्मा गांधी) के चरणों में प्रणाम करना चाहता हूँ। बापू हमारी श्रद्धा हैं। बापू जी हमारे आदर्श हैं। बापू हमारी प्रेरणा हैं। बापू हमारे विश्वास हैं। इसलिए माननीय अध्यक्ष महोदय भारतीय जनता पार्टी ने अपने उन निशानों में गांधी के सामाजिक-अर्थिक दर्शन को स्थान दिया है। हम गांधी जी के आदर्शों पर चलने वाले हैं। गांधी जी ने ही कहा था कि गांव भारत की आत्मा है। अगर गांव मर जाएंगे, भारत मर जाएगा।
किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करते।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि बापू का अपमान कर रहा विपक्ष।
विधेयक पारित हो गया। विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने अपनी बात रखी और विधेयक पास करा लिया।
