संवाददाता
उरई/जालौन
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन तथा कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
बैठक में उत्तर प्रदेश खनिज फाउण्डेशन न्यास नियमावली 2017 (संशोधित 2025) के तहत खनिज परिहार/अनुज्ञाधारकों द्वारा जमा धनराशि के उचित उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। नियमावली के अनुसार उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर 70 प्रतिशत, अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर 30 प्रतिशत तथा न्यास के प्रशासनिक व्यय पर 5 प्रतिशत धनराशि व्यय करने का प्रावधान है।
जिलाधिकारी ने कहा कि न्यास निधि का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार, बुनियादी सुविधाओं का विकास तथा आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कौशल विकास जैसी उच्च प्राथमिकता वाली श्रेणियों में कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके बाद कुल ₹11,26,94,000 के 44 विकास प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से—
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खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा
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विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा
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स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त किया जाएगा
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स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा
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युवाओं के कौशल उन्नयन से संबंधित कार्य संचालित किए जाएंगे
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वीकृत परियोजनाओं पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कराया जाए और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। विधायकों ने कहा कि इन परियोजनाओं से खनन प्रभावित व ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और क्षेत्रीय जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नेहा ब्याडवाल, खान अधिकारी सन्नी कौशल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
