अखिलेश कुमार जिला ब्यूरो जालौन
उरई(जालौन) वीरांगना झलकारी बाई सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में कोंच बस स्टैंड स्थित झलकारी बाई चौराहे का नाम यथावत रखने तथा वीरांगना झलकारी बाई के नाम पर केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की प्रमुख मांग उठाई गई।इस ज्ञापन को वरिष्ठ युवा नेता संतोष कोरी (जीनू वर्मा) के नेतृत्व में प्रमोद वर्मा एडवोकेट, अनिल कुमार सिंदूर, विजय शास्त्री, दीपनारायण सिंह, रवि वर्मा दिरावटी, मोतीलाल पूर्व सभासद,नीरादेवी,ओमनारायण, मधु अनुरागी, सुमन शर्मा, अंशुल कोरी, आशीष कुमार एडवोकेट सहित संस्थान से जुड़े विभिन्न पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगना झलकारी बाई ने झांसी की रानी के रूप में युद्ध करते हुए शौर्य की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे देश का इतिहास सदैव स्वर्ण अक्षरों में याद करता रहेगा। युद्धभूमि में अपने पति वीर पूरन पहलवान तोपची के साथ वीरगति प्राप्त करने वाली इस अमर वीरांगना का योगदान आज भी प्रेरणादायक है।
कोरी समाज ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की, कि— कोंच रोडवेज बस स्टैंड चौराहा स्थायी रूप से वीरांगना झलकारी बाई चौराहा के नाम से ही जाना जाए।उनके सम्मान में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए, जिससे आगामी पीढ़ियां उनके साहस, संघर्ष और बलिदान को गहराई से जान सकें।प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार लगातार महान विभूतियों व वीरांगनाओं का सम्मान बढ़ाने का कार्य कर रही है। ऐसे में झलकारी बाई के सम्मान में उठाए गए इन कदमों से प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के गौरवशाली इतिहास में एक महत्वपूर्ण योगदान दर्ज होगा।
उन्होंने सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
