नदियों में बालू खनन पर तीन माह की रोक से मंडियों व मोटर मार्केट में पसरा सन्नाटा

 

अमित गुप्ता

कालपी जालौन

 

कालपी/ जालौन वुधवार से नदियों से बालू खनन कार्य पर तीन माह के लिए लगी रोक का असर कारोबार पर दिखाई देने लगा है। खनन कार्य पूरी तरह बंद होने से मौरम मंडी, निर्माण सामग्री के बाजार तथा मोटर मार्केट में सन्नाटा पसरा हुआ है। बालू ढुलाई में जुड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंम्परों तथा भारी वाहनों का संचालन बंद होने से व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।

 

मालूम हो कि वेतवा तथा यमुना नदी के खदानों से भरकर बालू, मौरम कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर, बाराबंकी, औरैया, इटावा, मैनपुरी, आगरा, हाथरस, कन्नौज, फर्रुखाबाद, आदि स्थान में डंपरों तथा ट्रैकों के माध्यम से पहुंचती है जिसमें सैकड़ों गाड़ियां लगी हुई है। शासन की नीतियों के अंदर 30 में सितंबर तक नदियों से बालू खनन पर रोक लगा दी गई है। फल स्वरुप बालू ढलाई में लगे डंपर तथा ट्रैकों का कारोबार प्रभावित हुआ है। जोल्हूपुर मोड कदौरा कालपी तथा आसपास के मोटर मार्केट वाली मंडी दिन रात गुलजार रहती थी।

व्यापारियों का कहना है कि बालू खनन बंद होने से वाहन मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स, टायर, डीजल बिक्री तथा ढुलाई से जुड़े कारोबार में गिरावट आई है। वहीं निर्माण कार्यों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है, जिससे बाजारों की रौनक कम हो गई है।

हालांकि खनन कार्य बंद होने का सकारात्मक असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही कम होने से यमुना पुल और उसके आसपास प्रतिदिन लगने वाले जाम से लोगों को काफी राहत मिली है। ट्रैफिक का दबाव घटने से वाहनों का आवागमन सुचारु हो गया है और यात्रियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिल रही है।

वाहन ऑपरेटरों तथा नागरिकों का कहना है कि खनन बंद होने से एक ओर व्यापार प्रभावित हुआ है, तो दूसरी ओर जाम की समस्या से राहत मिलने के कारण आम नागरिकों को बड़ी सुविधा मिली है। ज्ञात हो कि मरम्मती करण के कारण कालपी का पुराना पुल एक महीने से बंद चल रहा है।जब कि मात्र एक पुल से दोनों साइडों का वाहनों का आवागमन हो रहा है जिससे बार-बार जाम की समस्या पैदा हो जाती थी। ट्रैफिक लोड कम हो जाने से अब गाड़ियां हाईवे में फर्राटा भरने लगी है।

 

फोटो – यमुना नदी कालपी के पुल के आस-पास का हाइवे रोड

Leave a Reply