वागीश्वरी साहित्य परिषद ने आयोजित की काव्य गोष्ठी

कोंच (जालौन) नगर की साहित्यक संस्था वागीश्वरी साहित्य परिषद के तत्वाधान में आयोजित हुई काव्य गोष्ठी पर कवियों ने किया कविता पाठ।

रविवार को नगर के आनंदेश्वर मंदिर के प्रांगण में आयोजित हुई काव्य गोष्ठी में कविता पाठ करते कवि ओंकार नाथ पाठक ने कहा कि जीवन बहुमूल्य है पुण्य कमाकर के पुनीत कार्य कर लेना,असक्तो की गलतियों को नजरंदाज कर माफ कर देना, चारपाई के चक्कर में रहे जीवन भर,अंत मे चारपाई मत पकड़ लेना वही नवोदित कवि रुचिर नायक ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम ने हमको, समझोता का पथ दिखलाया। स्वयं निंयन्ता होकर भी, नियमों पर चलना सिखलाया। योगेश्वर की गीता हमको, कर्म का पथ है बतलायी,निष्काम कर उस त्यागी ने,छलिया बनकर प्रेम सिखाया वही बरिष्ठ साहित्यकार सन्तोष तिवारी सरल ने कहा कि एक दिया उनको भी रखो थाली में, जिन्होंने अंतर किया न मालिक न माली में,सब कुछ लुटा दिया अपना जो था उन पर ,कोई कसर न छोड़ी देश रखवाली में इस कवि नन्दराम स्वर्णकार मुन्ना लाल अरुण बाचपेई आशाराम मिश्रा आदि ने देश प्रेम की कविता पर कर शहीदों को याद किया इस मौके पर परिषद के अध्यक्ष मयंक मोहन गुप्ता प्रमोद कुमार मनोहर निरजंन आदि मौजूद रहे है।

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