अमित गुप्ता
उरई जालौन
उरई/जालौन जनपद जालौन से अपने साथियों के साथ मां कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन करने गए। राहुल गुप्ता मेडीकल स्टोर जानकारी देते हुए बताया कि कामाख्या देवी मंदिर इस लिये प्रसिद्ध है।
देवी सती का गर्भग्रह पौराणिक कथाओं के अनुसार जब भगवान शिव माता सती के मृत शरीर को लेकर ब्रह्मांड में भ्रमण कर रहे थे।तब वहां माता सती का योनि भाग गिरा था। इस लिए यह स्थान प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है हर साल जून के महीने में यहां अंबुबाची मेला आयोजित होता है जिसके दौरान मंदिर तीन दिनों के लिए पूरी तरह बंद रहता है। ऐसा माना जाता है कि इन दोनों देवी मासिक धर्म से गुजराती है और ब्रह्मपुत्र नदी का पानी लाल हो जाता है। 3 दिन बाद भक्तों को लाल रंग का भीगा हुआ कपड़ा अंग वस्त्र प्रसाद के रूप में दिया जाता है।
सुनील गुप्ता जानकारी देते हुए बताया कि कामाख्या को तंत्र साधना और सिद्ध पीठ का सबसे बड़ा गढ माना जाता है यहां देश विदेश से तांत्रिक और साधु सिद्धि प्राप्त करने के लिए आते हैं। ऐतिहासिक रूप से भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है कालका पुराण और योगिनी तंत्र में इसका विस्तार से वर्णन किया गया। आप को बताते चलें की मां कामाख्या देवी मंदिर बड़े ही धार्मिक स्थल है जहां करोड़ों की संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं दर्शन करने गये राहुल गुप्ता मेडीकल स्टोर,सुनील गुप्ता, अमित गुप्ता, शिवम् सोनी व्योम सिंह इतने लोगों ने मां कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन सुकुन प्राप्त हुए।
