जिला संवाददाता अमित गुप्ता
कालपी (जालौन)
कालपी/ जालौन विमुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी एवं निषाद वंश/विमुक्त जनजाति समाज के कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी विनय मौर्य को ज्ञापन सौंपा।
तहसील कार्यालय में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कार्यकर्ताओं ने समाज के लोगों विमुक्त एवं जनजाति समाज से जुड़ी समस्याओं तथा अधिकारों के संबंध में प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया। पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए अवगत कराया कि प्रार्थीगण निषाद वंश के हैं जो अंग्रेजों के काले कानून क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट 1871 के तहत जन्मजात अपराधी घोषित किए गए थे। भारत सरकार ने इस काले कानून को 31 अगस्त सन 1952 को निरस्त करके हमें विमुक्त जनजाति घोषित किया। 31 अगस्त को हम विमुक्ति दिवस के रूप में मनाते हैं। जनगणना में हमारे सभी पर्यायवाची जातियों का नाम मंझवार के कॉलम में दर्ज किया जाए और ब्रैकेट में (D.T) विमुक्ति जनजाति अवश्य लिखा जाए ताकि हमारी सही संख्या का पता चल सके। उत्तर प्रदेश में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को भारत के अन्य राज्यों की तरह अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल किया जाए। समाज के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ ही उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाना आवश्यक है। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाज के लोग मौजूद रहे।
फोटो – एसडीएम को ज्ञापन सौंपते कार्यकर्ता
