जनपद जालौन | 30 अक्टूबर 2025 | सूचना विभाग, प्रकाशनार्थ
जिलाधिकारी श्री राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर आज सुबह प्रशासनिक अनुशासन और कार्यालयी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने हेतु वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण दल में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) योगेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचन्द मौर्य, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) विश्वेश्वर सिंह यादव तथा उप जिलाधिकारी (न्यायिक) हेमन्त पटेल सम्मिलित रहे। औचक निरीक्षण के दौरान कुल 37 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
🔹 निरीक्षण का विवरण:
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अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचन्द मौर्य ने बेतवा नहर प्रखंड प्रथम एवं द्वितीय का निरीक्षण किया, जहां अधिशासी अभियंता प्रथम धरम घोष, द्वितीय चन्द्रपाल सिंह सहित कुल 21 कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
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अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) योगेन्द्र सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया। बेसिक शिक्षा विभाग में वित्त एवं लेखाधिकारी अजीत कुमार द्विवेदी, तथा कर्मचारी दुर्गा दीक्षित व मनोज तिवारी अनुपस्थित मिले। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अरविन्द कुमार, प्रदीप रावत और विक्रम झा अनुपस्थित पाए गए।
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उप जिलाधिकारी (न्यायिक) विश्वेश्वर सिंह यादव ने लोक निर्माण विभाग का निरीक्षण किया, जहां एक कर्मचारी अनुपस्थित मिला।
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उप जिलाधिकारी (न्यायिक) हेमन्त पटेल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां पांच कनिष्ठ सहायक, तीन वरिष्ठ सहायक और एक एमटीएस कर्मचारी सहित कुल नौ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
🔹 डीएम का सख्त रुख:
जिलाधिकारी श्री राजेश कुमार पाण्डेय ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने एवं स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि समय से कार्यालय न आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप हर अधिकारी-कर्मचारी को समयबद्धता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि —
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सभी अधिकारी प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करें।
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इस अवधि में कोई बैठक या स्थलीय निरीक्षण न किया जाए।
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लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि आज की जांच में अनुपस्थित अधिकारियों की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए शासन को कार्यवाही हेतु प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अकस्मात निरीक्षण का क्रम लगातार जारी रहेगा और यदि सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
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37 कर्मचारी औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए।
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एक दिन का वेतन रोका गया और स्पष्टीकरण मांगा गया।
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डीएम ने अनुशासनहीनता पर दिखाई सख्ती।
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10 से 12 बजे तक जनसुनवाई के निर्देश।
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शासन को कार्यवाही हेतु प्रस्ताव भेजा गया।
