विंडसर पैलेस से निष्कासन के बाद बढ़ा सियासी तापमान
लंदन। ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय ने अपने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू से शाही उपाधियाँ, विशेषाधिकार और निवास का अधिकार छीन लिया है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय राजघराने की “इमेज बहाली” की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
🏰 विंडसर आवास से बाहर का रास्ता दिखाया गया
प्रिंस एंड्रयू को विंडसर कैसल परिसर स्थित रॉयल लॉज से बाहर किया गया है। अब उन्हें सेंट जेम्स पैलेस के भीतर बने छोटे अपार्टमेंट में शिफ्ट किया जाएगा।
राज परिवार के सूत्रों के मुताबिक, “राजा चार्ल्स चाहते हैं कि राजघराने से जुड़ा हर सदस्य सार्वजनिक जीवन में अनुशासन और मर्यादा का पालन करे।”
⚖️ विवादों के बाद बढ़ी सख्ती
एंड्रयू पिछले कुछ वर्षों से अमेरिकी कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े यौन शोषण के मामलों में विवादों में रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी भी आरोप से इनकार किया, लेकिन इन घटनाओं ने शाही परिवार की प्रतिष्ठा को गहरा धक्का पहुंचाया था।
🕊️ 2022 से धीरे-धीरे घट रहे विशेषाधिकार
2022 में ही एंड्रयू से सैन्य उपाधियाँ और सार्वजनिक कर्तव्यों को वापस ले लिया गया था। अब शाही निवास से निष्कासन के साथ वे राजघराने के किसी भी आधिकारिक कार्य में शामिल नहीं होंगे।
🌍 राजनीतिक और सामाजिक हलचल
राजा चार्ल्स का यह कदम ब्रिटेन की राजनीति और मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है। विश्लेषकों के मुताबिक, “यह फैसला न केवल राजघराने की साख बचाने के लिए ज़रूरी था, बल्कि जनता में जवाबदेही का संदेश देने के लिए भी।”
