महिला दिवस पर हुआ भव्य कार्यक्रम का आयोजन - Aaj Tak Media

महिला दिवस पर हुआ भव्य कार्यक्रम का आयोजन

 

कालपी/जालौन अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय महिला अधिकार संरक्षण संस्थान द्वारा कालपी नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सदर बाजार में भव्य कार्यक्रम एवं होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समाज में उनकी भूमिका को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आचार्य गुरु प्रसाद (जिलाध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद जालौन), विशिष्ट अतिथि आचार्य तेजस्य (जिलामंत्री, विश्व हिन्दू परिषद जालौन), भगवताचार्य राम श्याम महाराज, डॉ. किरन देवी, डॉ. पिंटू श्रीवास्तव सहित अन्य अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान अर्चना गुप्ता ने डॉ. किरन देवी को शॉल ओढ़ाकर व तिलक लगाकर सम्मानित किया। मंच संचालन के दौरान मोहन शुक्ला और सोनाली ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। मोहन शुक्ला ने आचार्य तेजस्य को मंच पर आमंत्रित किया, जहां उन्होंने महिलाओं के अधिकार और समाज में उनकी भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत होगा जब महिलाओं को उनका पूरा सम्मान और अधिकार मिलेगा।

 

इसके बाद भगवताचार्य राम श्याम महाराज ने अपने संबोधन में कालपी की पावन धरती और महिलाओं के सम्मान की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में महिलाओं को देवी का स्वरूप माना गया है और समाज को उनके सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

 

कार्यक्रम में कानपुर से आईं चिकित्सक डॉ. किरन देवी ने भी महिलाओं के स्वास्थ्य और उनके अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और समाज को भी उनके स्वास्थ्य व सम्मान को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

मुख्य अतिथि आचार्य गुरु प्रसाद ने अपने संबोधन में कालपी को छोटी काशी बताते हुए कहा कि यह भगवान वेद व्यास की पावन नगरी है। उन्होंने कहा कि विश्व में महिलाओं को सबसे ऊंचा दर्जा भारत की संस्कृति ने दिया है। बुंदेलखंड की धरती पर भी कई वीरांगनाओं ने इतिहास रचा है, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए विश्व हिन्दू परिषद की टीम सदैव तत्पर रहेगी।

 

इसके बाद अर्चना गुप्ता ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान विश्व हिन्दू परिषद और भारतीय महिला अधिकार संरक्षण संस्थान द्वारा उपस्थित पत्रकारों को तिलक लगाकर और कलम भेंट कर सम्मानित किया गया।

 

कार्यक्रम के दूसरे चरण में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कानपुर से आईं डॉ. किरन श्रीवास्तव, आगरा से डॉ. पिंटू श्रीवास्तव तथा कानपुर से डॉ. पवन कुमार ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दर्जनों मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श और दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराईं।

 

कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिन्दू परिषद नगर अध्यक्ष बब्बन ठाकुर और मातृशक्ति अर्चना गुप्ता के सहयोग से किया गया। इसमें प्रदीप जैन, रामप्रताप सिंह सेंगर और लखन पुरवार ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाहर से आए अतिथि चिकित्सकों का आभार विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह द्वारा व्यक्त किया गया।

 

इस अवसर पर भारतीय महिला अधिकार संरक्षण संस्थान की जिला अध्यक्ष संतोषी अनुरागी (बबीना), जिला कोषाध्यक्ष नीलम देवी सौंधी, दयावती, ललिता, सोनाली सिंह चौहान, रिद्धि, नीतू, विश्व हिन्दू परिषद नगर अध्यक्ष बब्बन ठाकुर, लखन पुरवार, ऑपरेशन विजय योद्धा जिला अध्यक्ष रामप्रताप सिंह सेंगर, कालपी नगर चेयरमैन अरविंद यादव, जय खत्री, डॉ. सुरेश प्रजापति, महीपत सिंह यादव, रविंद्र सिंह भदौरिया, सुरेश वर्मा, गणेश कोष्ठा, शिव भवन मौर्य, राम किशोर कोष्ठा, आकाश प्रणामी, अमन गुप्ता, सुनील जैन, अखिलेश अवस्थी, अतुल गुप्ता बड़ेरिया, हर्षित खन्ना, अजय शर्मा, नमन, राजेंद्र यादव, नीलू मिश्रा, अमित गुप्ता उर्फ पप्पन, बउआ, आशाराम बापू सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

कार्यक्रम में पत्रकारों की भी विशेष उपस्थिति रही, जिनमें वरिष्ठ पत्रकार सलीम अंसारी, दीपचंद्र सैनी, राजनारायण शुक्ला, अमित यादव, सोनू महाराज, बउआ रोहणी शर्मा, अवधेश बाजपेई, शोभित पांडेय, विकाश सिंह, दीपेश कुमार, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, पवन सिंह, रामचंद्र राजपूत और धर्मेंद्र राजपूत सहित अन्य पत्रकार शामिल रहे।

 

कार्यक्रम के अंत में होली मिलन समारोह के तहत सभी ने एक-दूसरे को फूलों से होली खेलकर बधाई दी। इसके बाद बाहर से आए अतिथियों को भोजन कराकर सम्मानपूर्वक विदा किया गया। यह कार्यक्रम नगर में महिला सम्मान और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला साबित हुआ।

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