एजेंसी, वाशिंगटन डीसी/सियोल
साउथ कोरिया की परमाणु क्षमता को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। अमेरिका ने साउथ कोरिया (दक्षिण कोरिया) को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली न्यूक्लियर अटैक सबमरीन (परमाणु पनडुब्बियाँ) बनाने की अनुमति दे दी है।
व्हाइट हाउस ने गुरुवार को जारी एक लेख में बताया कि अमेरिका इन पनडुब्बियों के लिए परमाणु ईंधन (फ्यूल) देने के साथ-साथ तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेगा।
💰 अमेरिका का बड़ा निवेश
पिछले महीने हुए व्यापार समझौते के तहत, अमेरिका साउथ कोरिया में ₹29.58 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करेगा।
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इस निवेश में से ₹16.9 लाख करोड़ रुपये नकद और ₹12.68 लाख करोड़ रुपये जहाजों के निर्माण में लगेंगे।
🚢 निर्माण स्थल पर विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि ये पनडुब्बियाँ अमेरिकी राज्य पेंसिल्वेनिया के फिलाडेल्फिया शिपयार्ड में बनाई जाएंगी। यह शिपयार्ड दक्षिण कोरियाई कंपनी हन्ना की अमेरिकी यूनिट का हिस्सा है।
हालांकि, दक्षिण कोरियाई अधिकारी चाहते हैं कि ये पनडुब्बियाँ कोरिया में ही बनाई जाएं, क्योंकि उनका मानना है कि वहां मौजूदा सुविधाओं से निर्माण तेजी से हो सकता है।
🇰🇵 उत्तर कोरिया की धमकी
साउथ कोरिया के रक्षा मंत्री अहन ग्यू-वैक ने इस समझौते पर कहा कि यह कदम उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन को नींद उड़ा देगा। यह टिप्पणी उत्तर कोरिया की बढ़ती परमाणु और मिसाइल क्षमताओं के बीच दक्षिण कोरिया की सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयास को दर्शाती है।
