एजेंसी, नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने चीनी उद्योग को बड़ी राहत देते हुए 2025-26 के सीजन के लिए 15 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही, गन्ने के शीरे (Molasses) पर लगा निर्यात शुल्क (Export Duty) भी हटा दिया गया है, जिसका मतलब है कि अब इस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
📊 प्रो-राटा आधार पर कोटा वितरण
खाद्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह निर्यात कोटा सभी चालू शुगर मिलों में उनके पिछले तीन सीजनों के औसत उत्पादन के आधार पर प्रो-राटा तरीके से बांटा गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से मिलों को अपने स्टॉक के बेहतर मैनेजमेंट और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
🗓️ निर्यात की समय सीमा
सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार:
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समय सीमा: मिलों को यह तय किया गया चीनी कोटा 30 सितंबर 2026 तक निर्यात करना होगा।
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अंतिम तिथि: चाहे निर्यात मिल स्वयं करें या किसी ट्रेडर, एक्सपोर्टर या रिफाइनरी के माध्यम से हो, सभी के लिए अंतिम निर्यात तिथि 30 सितंबर 2026 ही रहेगी।
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दस्तावेज़: इस तारीख तक बिल ऑफ लैंडिंग जारी होना आवश्यक होगा।
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लागू होने की तिथि: हालांकि, सरकार ने अभी यह नहीं बताया है कि निर्यात की अनुमति किस दिन से लागू होगी। उद्योग जगत को अब इस लागू होने की तारीख का इंतजार है।
नोटिफिकेशन में मिलों को सूचित किया गया है कि हर मिल को उसके पिछले तीन साल के औसत उत्पादन का 5.286 प्रतिशत निर्यात करने की अनुमति दी गई है।
