उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप हब बनाने पर जोर: प्रशिक्षण, परीक्षण और मार्केट लिंकेज की हर ज़रूरत हो पूरी – मुख्यमंत्री

संवाददाता, लखनऊ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को तेजी से आगे बढ़ाने और इसे सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्टार्टअप्स की प्रशिक्षण, परीक्षण और मार्केट लिंकेज जैसी सभी जरूरतों को पूरा किया जाए।

💡 युवाओं को तकनीकी आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ना प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को तकनीकी आधारित नई अर्थव्यवस्था से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को आईटी और आईटीईएस सेक्टर से जुड़े युवाओं के लिए प्रायोगिक प्रशिक्षण मॉडल विकसित करने और इसके लिए ज्ञान रियल्टी जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाने का निर्देश दिया।

📊 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में प्रगति

सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन: प्रदेश में 2017-18 में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात ₹3,862 करोड़ था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹44,744 करोड़ तक पहुंच गया है।

  • आईटी निर्यात: इसी अवधि में आईटी निर्यात ₹55,711 करोड़ से बढ़कर ₹82,055 करोड़ हो गया है।

  • निवेश: इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति 2020 के तहत 67 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें ₹15,477 करोड़ के निवेश और 1,48,710 रोजगार की संभावनाएं हैं।

  • स्टार्टअप्स: अब तक ₹430 करोड़ की प्रोत्साहन धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है, और मार्च 2026 तक 25 अन्य प्रस्तावों के आगे बढ़ने की संभावना है।

  • बड़ा निवेश: डाटा सेंटर नीति के अंतर्गत हीरानंदानी समूह, एनटीटी ग्लोबल, वेब वक्र्स, अदानी एंटरप्राइजेज और एसटीटी टेलीमीडिया सहित कई कंपनियों ने ₹21,342 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे लगभग 10 हजार नए रोजगार सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, मुख्यमंत्री डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर, डाय सेटर और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। अब लक्ष्य इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शीर्ष श्रेणी में स्थापित करना है।

🛠️ कारोबार सुगमता पर जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि:

  • सेमीकंडक्टर: सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक परियोजना स्वीकृत हो चुकी है, जबकि अन्य प्रस्तावों के लिए भारत सरकार से सतत संवाद बनाए रखा जाए।

  • नई लैंड बैंक: उन्होंने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लीडा में नई लैंड बैंक विकसित करने का निर्देश दिया।

  • निरीक्षण और अनुमति: निरीक्षणों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध अनुमति व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। प्रोत्साहन राशि के लिए उद्यमियों को अब विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने और बार-बार पत्रों के लिए बाध्य न करने के निर्देश दिए गए।

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