नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चंडीगढ़ प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब में पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने लूथरा बंधुओं की 160 अवैध संपत्तियां जब्त की हैं, जिनकी कीमत करीब 3500 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
- ईडी ने कहा कि उसकी जांच में पाया गया है कि लूथरा बंधुओं से जुड़े लोग फड का एक हिस्सा पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप के नाम पर इन 169 अवैध संपत्तियों को खरीदने में इस्तेमाल किया गया था, जिनकी मौजूदा कीमत 3436156 करोड़ रुपये है।
- जब्त की गई संपत्तियां लिमिटेड, पीजीएफ लिमिटेड, दिवंगत निर्मल सिंह भांगू और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी और 420 के तहत दर्ज की गई धोखाधड़ी आधार पर की गई जांच के बाद की गई हैं।
- जब्त की गई मालता पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले पर चलाई गई धोखाधड़ी वाली पीजी स्कीम और सामूहिक निवेश योजनाओं से संबंधित है। इन योजनाओं के जरिए पोस्टमैट्रिक और उसकी सहयोगी कंपनियों ने धोखे से भोले-भाले निवेशकों से लगभग 48,000 करोड़ रुपये जुटाए और उसका गबन कर लिया।
ईडी ने इस मामले में अब तक एक अभियोजन शिकायत और दो पूरक अभियोजन शिकायत दायर की जा चुकी है।
ईडी की कार्रवाई
- लूथरा बंधुओं से जुड़ी 160 संपत्तियां जब्त
- कुल कीमत: 3500 करोड़ रुपये
- संपत्तियां: लिमिटेड कंपनियों, दिवंगत निर्मल सिंह भांगू और अन्य से जुड़ी
ईडी की यह कार्रवाई पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी है। लूथरा बंधुओं की करोड़ों की संपत्ति पर ईडी का शिकंजा कस गया है।
