सांस्कृतिक गतिविधियों से समाज में बदलाव लाया जा सकता-बृजेश - Aaj Tak Media

सांस्कृतिक गतिविधियों से समाज में बदलाव लाया जा सकता-बृजेश

 

कोंच (जालौन) कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज में चल रहे कोंच इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल तथा भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की निशुल्क ग्रीष्मकालीन नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों को विभिन्न कलात्मक विधाओं का प्रशिक्षण दिए जाने के साथ-साथ उनके बौद्धिक विकास के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं इन सत्रों में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को आमंत्रित कर प्रतिभागियों के साथ संवाद स्थापित कराया जा रहा है।

शुक्रवार को आयोजित सत्र में अयोध्या के क्षेत्राधिकारी एवं अभिनेता अनिरुद्ध सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने कार्यशाला में पहुंचकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें अभिनय व्यक्तित्व विकास तथा जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

अनिरुद्ध सिंह ने प्रतिभागियों को अनुशासन आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए कहा कि कला और रंगमंच व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम हैं तथा ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं उनके प्रेरक विचारों से प्रतिभागियों में नया उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला

कार्यशाला के एक विशेष सत्र में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रदेश प्रधान महासचिव बृजेश सिंह राजावत ने कहा कि युवाओं को अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियां समाज में जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं तथा इनके माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है

वहीं सेठ वृन्दावन इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य बृजबल्लभ सिंह सेंगर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा और संस्कृति का समन्वय व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है उन्होंने प्रतिभागियों को निरंतर अध्ययन और अभ्यास के माध्यम से अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा दी

कार्यशाला को संबोधित करते हुए शिक्षक विवेक सिंह ठाकुर ने कहा कि कला व्यक्ति के भीतर छिपी संवेदनाओं और रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों से सीखने की जिज्ञासा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया

कार्यक्रम के आरंभ में इप्टा के प्रांतीय सचिव डॉ. नईम बॉबी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल अभिनय प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं में सामाजिक सरोकार, सांस्कृतिक चेतना और रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है

कार्यशाला संयोजक पारसमणि अग्रवाल ने संचालन करते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों की सफल एवं प्रेरणादायी हस्तियों के अनुभव प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में भी विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे जिससे प्रतिभागियों को बहुआयामी ज्ञान और अनुभव प्राप्त हो सके इस अवसर पर सार्थक अग्रवाल वरदान गुप्ता हेमंत कौशल काव्या द्विवेदी चेतन द्विवेदी सूर्या पाण्डेय पलक नखत नसरीन महक मानसी माही राधा आफरीन समायला अनामिका नैनसी प्रियांशी सौम्या ऋतिका वर्मा दक्ष अहमद ह्रदया निकिता अंशिका आकिफ रुद्रा अलोक रजक अर्स प्राची चौधरी निशि राठौर जीनत अल्फिया पूनम कुमारी प्रियंका चौधरी काजल खुशी शिवन्या दानिश अहमद राज शर्मा कैफ मंसूरी आदि उपस्थित रहे। आभार व्यक्त प्रशिक्षक सानिया सलमानी ने किया।

 

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