संवाददाता | कानपुर देहात
भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री एवं लोकप्रिय किसान नेता स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी के जन्मोत्सव के अवसर पर दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को कृषि विभाग द्वारा जिलाधिकारी कानपुर देहात की अध्यक्षता में किसान सम्मान दिवस एवं जैविक मेले का भव्य आयोजन ईको पार्क, माती में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि माननीय सांसद अकबरपुर श्री देवेन्द्र सिंह ‘भोले’ द्वारा किया गया। इस अवसर पर नीरज रानी (अध्यक्ष जिला पंचायत), कपिल सिंह (जिलाधिकारी), श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय (पुलिस अधीक्षक), लक्ष्मी एन. (मुख्य विकास अधिकारी), अमित कुमार (अपर जिलाधिकारी प्रशासन) सहित कृषि एवं कृषि समावेशी विभागों के समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
स्व. चौधरी चरण सिंह जी के विचारों का स्मरण
उप कृषि निदेशक द्वारा अपने संबोधन में स्व. चौधरी चरण सिंह जी के किसान हितैषी कार्यों एवं उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन किसानों के कल्याण हेतु समर्पित कर दिया। उनके द्वारा लाए गए जमींदारी उन्मूलन विधेयक (1952) एवं उत्तर प्रदेश भूमि संरक्षण कानून (1954) ने किसानों को अधिकार और सम्मान दिलाया।
साथ ही कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं जैसे कृषि यंत्रीकरण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा श्री अन्न (मिलेट्स) के महत्व एवं लाभों की विस्तृत जानकारी किसानों को दी गई। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जैविक खेती, परम्परागत खेती एवं मृदा स्वास्थ्य सुधार के उपायों पर भी प्रकाश डाला गया।
जिलाधिकारी का संबोधन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने सभी किसान भाइयों को स्व. चौधरी चरण सिंह जी के जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ पारदर्शी रूप से सीधे किसानों के खातों में प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि निवेश निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएं तथा किसी भी समस्या की स्थिति में त्वरित समाधान किया जाएगा।
मुख्य अतिथि का उद्बोधन
माननीय सांसद देवेन्द्र सिंह ‘भोले’ ने कहा कि स्व. चौधरी चरण सिंह जी का मानना था कि देश की प्रगति किसान की प्रगति से जुड़ी है। जब तक किसान सशक्त नहीं होगा, तब तक राष्ट्र समृद्ध नहीं हो सकता। उन्होंने किसानों से जैविक एवं परम्परागत खेती अपनाने तथा सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया।
किसानों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान
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विभिन्न फसलों में सर्वाधिक उत्पादन करने वाले 14 किसानों,
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विकासखण्ड स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 50 किसानों,
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उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य पालन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 18 लाभार्थियों
को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही जैविक उत्पाद विपणन को बढ़ावा देने हेतु 02 कृषकों को प्रोत्साहन सामग्री वितरित की गई।
प्रदर्शनी एवं जैविक मेला
मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य विभाग, निजी उर्वरक एवं बीज विक्रेता, महिला स्वयं सहायता समूह एवं कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा सुसज्जित प्रदर्शनी लगाई गई, जहां विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ जैविक एवं कृषि उत्पादों का विक्रय भी किया गया।
