कदौरा (जालौन) जनपद में हर गांव हर कस्बे और हर गली में राजश्री गुटखा खुलेआम ओवर रेट पर बिक रहा है हैरानी की बात यह है कि काजू ,बादाम और चिरौंजी जैसे महंगे सुखे मेवो से भी ज्यादा कीमत पर जहरीला नशा आम जनता को बेचा जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। बाताया जाता है कि
5-बाला राजश्री 8 में
20-बाला राजश्री 25 में
40 वाला राजश्री 50 में
केसर गुटखा 10 के दो
1-कमला पसंद 8 मे
खुलेआम बेजा जा रहा है कदौरा कस्बे में कुछ ऐसे दुकानदार हैं जो गुटखा का भरपूर स्टॉक किए हुए हैं यह सिर्फ नशे का कारोबार नहीं बल्कि गरीब जनता की जेब काटने का संगठित मुनाफा खोरी नेटवर्क है। जिसमें एजेंसी संचालक बड़े सप्लायर थोक दुकानदार और खुदरा विक्रेता सभी शामिल बताए जा रहे हैं।
काजू बादाम से भी महंगा गुटका बाजार दर के अनुसार
काजू-800 से 1,100 प्रति किलो
बादाम-700 से 900 प्रति किलो
जबकि राजश्री गुटखा 1200 प्रति किलो है।
अर्थात स्वास्थ्य के लिए घातक तंबाकू उत्पाद पौष्टिक सुखे मेवों से भी महंगा। बिक रहा है और लोग मजबूरी यह लत के कारण इसे खरीदने को विवश हैं।
गरीबों की जेब पर खुला डाका
एमआरपी से अधिक मूल वसूलना कानूनी अपराध है लेकिन जालौन जिले के भर में ओवर रेट बिक्री धड़ल्ले से जारी है ग्रामीण इलाकों से शहर के चौराहों तक दुकानों पर खुलेआम राजश्री गुटखा ओवर रेट पर बिक रहा है और कोई पूछने वाला नहीं है
जानलेवा जहर का करोड़ों का कारोबार
चिकित्सको के अनुसार गुटखा और तंबाकू कैंसर टीवी दिल और पेट की गंभीर बीमारियों की प्रमुख वजह है इसके बावजूद हर दिन करोड़ों रुपए का कारोबार चल रहा है और युवा मजबूर किसान सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं।
प्रशासन पर गंभीर सवाल
सबसे बड़ा सवाल है कि जब एमआरपी से अधिक मूल पर बिक्री अपराध है तो संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी आंख बंद कर तमाशा क्यों देख रहे हैं ।
क्यों अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही
विशेषज्ञो का कहना है कि जिस पैसे से गरीब परिवार बच्चों बच्चों की पढ़ाई, इलाज और खेती सुधर सकता था वहीं पैसा नशे बीमारी और अस्पताल के बिल में बदल रहा है यह सिर्फ स्वास्थ्य संकट नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक दवाई की ओर बढ़ता खतरा है जहर बेचने वाले भी दोषी हैं और चुप बैठकर तमाशा देखने वाले जिम्मेदार अधिकारी भी बराबर जिम्मेदार हैं।
