संस्कृति और जनचेतना की मशाल है इप्टा - अनिल वैद - Aaj Tak Media

संस्कृति और जनचेतना की मशाल है इप्टा – अनिल वैद

 

कोंच (जालौन) भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) इकाई का स्थापना दिवस सोमवार 25 मई को तहसील परिसर स्थित अग्रसेन विवाह घर में साहित्यिक सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों के बीच बडे उत्साह और गरिमा के साथ जन संस्कृति दिवस के रूप में मनाया गया इस दौरान इप्टा की गौरवशाली परंपरा रंगमंच की सामाजिक भूमिका तथा जनजागरण में कला के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई

कार्यक्रम का शुभारंभ इप्टा गीत बजा नगाड़ा शांति से हुआ

इप्टा कोंच के अध्यक्ष अनिल वैद एड. ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इप्टा केवल एक सांस्कृतिक संस्था नहीं बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की एक सशक्त विचारधारा है

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अतिथि मनोज कुमार दूरबार एड ने कहा कि इप्टा ने हमेशा आम जनमानस की पीडा संघर्ष और सामाजिक सरोकारों को मंच के माध्यम से आवाज देने का कार्य किया है इसी कड़ीं में

इप्टा सचिव पारसमणि अग्रवाल ने कहा कि आज के दौर में जब समाज में संवेदनाएं कमजोर होती जा रही हैं तब रंगमंच और कला लोगों को जोडने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकते हैं उन्होंने युवाओं से साहित्य संगीत नाटक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया

इप्टा महासचिव साहना खान ने कहा कि कोंच इकाई लगातार क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है नुक्कड़ नाटक बाल नाट्य कार्यशालाएं कवि गोष्ठियां और सामाजिक विषयों पर मंचन के माध्यम से संस्था ने क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है आने वाले समय में भी युवाओं एवं बच्चों के लिए नई सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी

इप्टा रंगकर्मी दानिश ने इप्टा के इतिहास और उसके संघर्षपूर्ण सफर को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही इप्टा ने जनमानस में चेतना जगाने का कार्य किया है। कला के माध्यम से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाना और समाज को सकारात्मक दिशा देना संस्था का मूल उद्देश्य रहा है

इस अवसर पर नरेंद्र कश्यप अंजली निशि अग्रवाल मानसी आदि उपस्थित रहे।

 

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