उरई (जालौन) जनपद जालौन में इन दिनों युवाओं, महिलाओं और पुरुषों के बीच मिश्रित गुटखा, तंबाकू व पान मसाला के सेवन का चलन तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बस स्टैंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग इन नशीले उत्पादों का सेवन करते नजर आते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार गुटखा और तंबाकू में निकोटिन सहित हजारों हानिकारक रसायन पाए जाते हैं, जो मुंह का कैंसर, गले की बीमारी, हृदय रोग और फेफड़ों की गंभीर समस्याओं का कारण बनते हैं। शोध रिपोर्टों में बताया गया है कि गुटखा व स्मोकलेस तंबाकू में मौजूद रसायन शरीर के लिए अत्यंत घातक होते हैं और लंबे समय तक सेवन करने से कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का कहना है कि लगातार गुटखा सेवन करने वालों में दांत खराब होना, मसूड़ों से खून आना, मुंह का न खुलना, कमजोरी, तनाव और नशे की लत जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। महिलाओं और युवाओं में भी इसका प्रभाव चिंताजनक माना जा रहा है। हाल की रिपोर्टों में सामाजिक दबाव और तनाव को तंबाकू सेवन बढ़ने का प्रमुख कारण बताया गया है।
