उजाड़ दी विरासत मिटा दी पहचान बना दी दुकान - Aaj Tak Media

उजाड़ दी विरासत मिटा दी पहचान बना दी दुकान

 

कालपी (जालौन) यूं ही कालपी को ऐतिहासिक पौराणिक नगर का नाम मिला है यह नगर ऐतिहासिक है पर सरकार और जनप्रतिनिधियों ने कभी इस नगर को महात्व नहीं दिया जिसका परिणाम है कि आज यह नगर अपने वजूद अपनी संपदा अपनी धरोहरें मिटता और मिटाते हुए देख रहा है।

लिख तो कई बार चुका हूं पर आज फिर कुछ लिखने का मन इस लिए हो गया जब खोया मंडी से अंदर बाजार की ओर निकला तो याद आ गई एक ऐसे विशाल दरवाजे की एक ऐसे विशाल और स्थापत्य काल के बेजोड नमूने की जिसे नगर के लोग उरई दरवाजे के नाम से जानते थे । एक ऐसा विशाल और भव्य दरवाजा जिसकी डिजाइन जिसकी खूबसूरत बनावट शायद ही आप ने कहीं देखी हो ।दो मंजिला इस दरवाजे को देखकर नगर के लोग अपने को गौरवान्वित महसूस करते थे और गर्व से कहते थे हां मेरा जन्म ऐसे नगर में हुआ जहां ऐसी ऐसी प्राचीन इमारते हवेलियां दरवाजे हैं जो गवाही देते हैं कि हमारी आयू कितनी लम्बी है।

चार विशाल दरवाजों के अन्दर बना कालपीधाम का हाट अपने गौरवशाली इतिहास का गवाह था पर समय के थपेड़ों ने सब कुछ मिटा दिया चार दरवाजों में से केवल एक बचा है वह भी कराह रहा है। जिस समय तत्कालीन एस डी एम कौशल किशोर और तत्कालीन नगर पालिकाध्यक्षा वैकुंठी देवी के प्रतिनिधि पुत्र ने एक इतिहास के ऊपर बेदर्दी से बुल्डोजर चलाया था उस दिन नगर के हर शुभचिंतक की आंखें नम थीं उन्हें भरोसा दिया था कि यह इमारत जर्जर है इसे गिराकर इसी तरह की नक्काशी नक्सल के साथ इसका नव निर्माण कराया जाएगा। पर क्या हुआ सारे वादे सारे आश्वासन झूठे साबित हुए। आज उस ऐतिहासिक फाटक की जगह पर धन्नाराम सेठों ने नगर पालिका के मालिकों को चंद कागज के टुकड़े देकर दुकानें बनवा लीं। कहां गया शासन प्रशासन कहां है योगी बाबा की सरकार का वह आदेश जिसमें कहा जाता है कि सरकारी य सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा । क्या यह अतिक्रमण नहीं है। एक जीवंत इतिहास की हत्या करने वालों को भले ही कुछ मिल गया हो पर ऐतिहासिक पौराणिक नगर ने अपने शरार का एक अभिन्न अंग खो दिया यह क्रत्य कतई क्षमा योग्य नहीं है। हमारे लिखने से क्या होगा कुछ लोग पढ़ेंगे थोड़ा-बहुत अफसोस जाहिर कर देंगे और भूल जा एंगे। पर मेरा लिखने का मकसद है कि शायद कोई संस्था य व्यक्ति आगे आए और कालपी के ऐतिहासिक पौराणिक अवशेषों को सुरक्षित संरक्षित और विकसित करने का प्रयास करे।

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