भीषण गर्मी के चलते जनपद में सूखने लगे तालाब - Aaj Tak Media

भीषण गर्मी के चलते जनपद में सूखने लगे तालाब

 

 

 निराश्रित गौवंश, जंगली जानवर और पक्षियों पर मंडराया जल संकट

 

उरई (जालौन) जालौन जनपद इस समय भीषण गर्मी और जल संकट की मार झेल रहा है। लगातार बढ़ते तापमान और वर्षा के अभाव के चलते जिले के अधिकतर तालाब, पोखर एवं पारंपरिक जलस्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं। इसका सीधा असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले निराश्रित गौवंश, जंगली जानवरों और पक्षियों पर दिखाई देने लगा है, जो पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों से यह भी चिंताजनक जानकारी सामने आई है कि पानी की तलाश में भटकते हुए कई पशु-पक्षियों की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है और कुछ स्थानों पर उनकी मृत्यु तक की घटनाएं देखी गई हैं। यह स्थिति न केवल पर्यावरणीय असंतुलन को दर्शाती है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर लापरवाही पर भी सवाल खड़े करती है।

इसी गंभीर समस्या को लेकर कृषि सलाहकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता मानवेन्द्र सिंह सेंगर, ग्राम नसीरपुर (जालौन) ने जिलाधिकारी जालौन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभाव से ठोस कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि यह संकट केवल पशु-पक्षियों का नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने मांग की है कि जिले में तत्काल जल टैंकर, अस्थायी पानी की टंकियां, सूखे तालाबों में पुनः जलभराव, गौशालाओं में नियमित जल आपूर्ति तथा ग्राम पंचायत स्तर पर जलपात्र रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।ग्रामीणों का कहना है कि निर्देश तो लगातार जारी होते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।अब बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस संकट पर ठोस कदम उठाएगा या हालात यूं ही बिगड़ते रहेंगे?

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