माधौगण जालौन माधौगढ़ क्षेत्र स्थित ग्राम गोपालपुरा के निकट पहुज नदी में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें मध्य प्रदेश के भिंड जनपद से आए तीन युवकों की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम लिधौरा थाना मिहौना, जनपद भिंड (मध्य प्रदेश) निवासी जगमोहन बघेल (19 वर्ष) पुत्र चरण सिंह, सुधीर बघेल (15 वर्ष) पुत्र जगदीश तथा अवनीश यादव (20 वर्ष) पुत्र गंगा सिंह यादव सहित कुल 17 युवक आगामी 19 जून को मंगलौर में आयोजित एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए एकत्रित हुए थे। इसी दौरान सभी युवक घूमने एवं स्नान करने के उद्देश्य से ग्राम गोपालपुरा के निकट पहुज नदी पहुंचे। नदी में स्नान करते समय तीनों युवक अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद अन्य युवकों एवं स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय गोताखोरों तथा एसडीआरएफ टीम को तत्काल मौके पर बुलाया गया। व्यापक खोज एवं बचाव अभियान चलाकर तीनों युवकों को नदी से बाहर निकाला गया, किंतु तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने तत्काल हादसे का संज्ञान लिया। मा0 मुख्यमंत्री जी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह मौके पर पहुंच कर पीड़ित परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। एसडीआरएफ एवं अन्य एजेंसियों के माध्यम से रेस्क्यू अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मध्य प्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित कर मृतकों के शव उनके परिजनों को सम्मानपूर्वक सौंपने तथा सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्रता से पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घटना से संबंधित सभी विधिक एवं प्रशासनिक कार्यवाहियां संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ पूर्ण की जाएं तथा शोकाकुल परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। पुलिस द्वारा मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है तथा पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई की मोर्चरी भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की आपराधिक घटना सामने नहीं आई है। प्रथम दृष्टया यह हादसा स्नान के दौरान गहरे पानी में चले जाने के कारण हुआ प्रतीत होता है।

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने जनसामान्य से अपील की है कि वर्षा ऋतु के दौरान नदी, तालाब एवं अन्य जलाशयों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुनसान एवं गहरे जल क्षेत्रों में स्नान करने से बचें तथा सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करें, ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
