जिला संवाददाता अमित गुप्ता
कालपी-जालौन
कालपी/ जालौन श्रावण मास के चौथे सोमवार को धर्मनगरी कालपी में भोर होते ही शिवालयों तथा मंदिरों श्री ढोड़ेश्वर, पातालेश्वर, तिग्लेश्वर, बानेश्वर, गोपेश्वर, फालेश्वर एवं मृत्युंजय शिव मंदिरों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
सोमवार को सुबह से ही भक्तगण हाथों में पूजा की थाली,बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, फल, दूध, दही, शहद तथा अन्य पूजन सामग्री लेकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिये मंदिरों तथा शिवालयों में पहुंचे। महिलाओं एवं युवतियों के साथ बड़ी संख्या में बालक, बुजुर्ग और पुरुष भी भगवान शिव की आराधना में लीन दिखाई दिए। शिवालयों में शिवाष्टक, मधुराष्टक, रामरक्षा स्त्रोत एवं शिव तांडव स्त्रोत के पाठ के साथ वातावरण भक्तिमय बना रहा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। ब्रह्ममुहूर्त की शांत बेला में घंटों की ध्वनि और धार्मिक मंत्रोच्चार से पूरा नगर शिवमय दिखाई दिया।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मनोवांछित फल की कामना की। कई श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही मंदिर पहुंच गए और अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हुए भजन-कीर्तन में लीन रहे। महिलाओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, पुष्प और फल अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
फोटो – धर्म नगरी कालपी के शिवालय तथा मंदिर
