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यमुना पुलों पर बैरिकेडिंग की योजना अधर में लटकी

 

जिला संवाददाता अमित गुप्ता

कालपी (जालौन)।

 

कालपी/जालौन यमुना नदी कालपी के पुलों पर रेलिंग के ऊपर लोहे की बैरिकेडिंग लगाने की योजना लंबे समय से अटकी हुई है। बैरिकेडिंग न होने से पुलों पर सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

उल्लेखनीय हो कि उत्तर-दक्षिण भारत को जोड़ने वाले हाईवे मार्ग पर कालपी में यमुना नदी पर दो पुल बने हैं। पहला पुल वर्ष 1980 में तथा दूसरा वर्ष 2015 में निर्मित हुआ था। दोनों पुलों पर करीब चार फीट ऊंची रेलिंग लगी है। नगर की आबादी से सटे होने के कारण यहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचते हैं।

बताया जाता है कि कम ऊंचाई की रेलिंग के कारण मानसिक तनाव से जूझ रहे कुछ लोग पुल से यमुना में छलांग लगाने का प्रयास कर चुके हैं। इसी को देखते हुए गत वर्ष क्षेत्रीय विधायक विनोद चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों और जिला प्रशासन को पत्र भेजकर दोनों पुलों की रेलिंग के ऊपर लोहे की बैरिकेडिंग लगाने की मांग की थी।इसके वावजूद प्राधिकरण स्तर पर योजना में अपेक्षित कार्य नहीं हो सका है। इलाकाई विधायक के मुताबिक यमुना पुलों पर बैरिकेडिंग लगाने के लिए पुनः प्रयास तेज किए जाएंगे, ताकि पुलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

 

फोटो : कालपी में यमुना नदी का पुल

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