जिला संवाददाता अमित गुप्ता
कालपी (जालौन)
कालपी/ जालौन शनिवार को स्थानीय नगर में जगह जगह शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शैक्षणिक कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वरिष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया। तथा ग्राम महेवा में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कालपी महाविद्यालय, ठक्कर बापा इंटर कालेज सर्वोदय शिक्षण संस्थान एसपी इंटर कालेज,एम एस वी इंटर कालेज, राजकीय आईटीआई, राजकीय महिला महाविद्यालय आदि स्थानों में शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया।
बीआरसी केंद्र कालपी में खंड शिक्षा अधिकारी/ नगर शिक्षा अधिकारी रंगनाथ चौधरी ने आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों के महत्व और उनके योगदान को लेकर कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान ही नहीं देते बल्कि उन्हें जीवन जीने के सही मूल्य और संस्कार भी सिखाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने का कार्य करते हैं। उनके मार्गदर्शन से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सही-गलत की पहचान करने की क्षमता विकसित होती है। शिक्षक विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ठक्कर बापा इंटर कालेज के प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने कहा कि माता-पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। एक अच्छे शिक्षक का प्रोत्साहन विद्यार्थी को अपने जीवन के लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षक के प्रयासों से ही संस्कारित, सभ्य और ज्ञानवान समाज का निर्माण संभव है। सर्वोदय शिक्षण संस्थान की संचालिका शैल विश्नोई ने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए समाज को शिक्षकों के योगदान का सम्मान करते हुए उनके प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए।
शिक्षक दिवस पर एम एस वी इंटर कालेज के वरिष्ठ शिक्षक आनंद शर्मा व अपर्णा शर्मा आदि ने शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को किया नमन उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा के प्रति अपने दायित्व और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
कालपी कालेज कालपी की प्राचार्या डॉ मधु प्रभा त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक दिवस आत्ममंथन करने और विद्यार्थियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों का ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को अच्छा, संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनाना है। मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र कालपी के प्राचार्य विपिन कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही शिक्षक की वास्तविक गुरुदक्षिणा है। इस अवसर पर सभी ने सीखने और सिखाने की परंपरा को पूरी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। दयानंद वाल विधा मंदिर,रोज बर्ड पब्लिक स्कूल कालपी में भी शिक्षको तथा बच्चों के बीच शिक्षक दिवस मनाया गया।
फोटो – शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम
