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जन्माष्टमी पर्व पर आयोजित कार्यक्रमों में राधे- राधे के जयकारे गूंजे

 

जिला संवाददाता अमित गुप्ता

कालपी (जालौन)

 

कालपी/जालौन शुक्रवार को धर्म नगरी कालपी में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में धूमधाम पूर्वक मनाया गया।

जन्माष्टमी पर्व पर यमुना नदी के तट में बांके बिहारी धाम समेत कृष्ण मंदिरो में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ रही। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक अपने अपने घरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजाई तथा पूजा अर्चना की व जगह जगह राधे – राधे के जयकारे गूंजते रहे।

पर्व के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये पं. अशोक वाजपेई ने बताया कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह पर्व धर्म और सत्य की स्थापना तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने विष्णु के आठवें अवतार के रूप में जन्म लेकर संसार से बुराई और अत्याचार का नाश किया। जन्माष्टमी पर श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहते हैं और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। श्रद्धालु दिनभर व्रत रखते हैं तथा मध्य रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद व्रत रखते हैं। बाल गोपाल की प्रतिमा को दूध, दही, शहद, घी आदि से पंचामृत स्नान कराया जाता है। मंदिरों और घरों में भजन-कीर्तन तथा पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने मानव को धर्म के मार्ग पर चलने और सदाचार अपनाने की प्रेरणा दी है। बांके बिहारी धाम में जन्माष्टमी पर रात में रंगारंग धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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