एजेंसी, जालंधर
जालंधर के फ़रीदकोट की 10 वर्षीय बच्ची नवजोत को खेल जगत में ‘लेडी मिल्खा’ का नाम मिला है। नवजोत ने अपनी रेस जीतने की कमाई से अपने पिता को जमीन खरीदकर दी है और अब उनका सपना है कि वह 8 मरले की जमीन पर एक नया घर बनाएगी।
🏆 खेलों से कमाई और सफलता
नवजोत ने अब तक 100 मीटर की रेस में इतना पैसा जीता है कि वह अपने पिता को जमीन खरीदकर दे चुकी है।
-
वह अब तक 100 मीटर की रेस में 9 साइकिलें जीत चुकी हैं।
-
वह 8 वर्ष की उम्र में 100 मीटर की रेस में 5वीं बार साइकिल जीती थी।
-
वह पंजाब के अलग-अलग गाँवों में होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेती हैं।
⭐ स्टारडम और भविष्य की योजना
नवजोत अपने रनिंग स्टाइल के कारण सोशल मीडिया पर भी स्टार बन चुकी हैं। वह कहती हैं कि उनका सपना आने वाले 10 सालों में देश के तीसरे बच्चे को एथलीट बनाना है। उनका लक्ष्य है कि वह इतने बच्चों को खेल से जोड़ देंगी कि पंजाब की धरती से नशे के नाम का कलंक मिट जाएगा।
राज्यों में खेलों में एक और नाम राजू ढुड्डी का है, जिसने भोगा मेघना ढुड्डी के बोलने के स्टाइल से उसे प्रसिद्धि दिलाई। राजू ने भी 8वीं और 100 मीटर की रेस में 5वीं बार साइकिल जीती है और पहली ट्रॉफी जीत कर एक ईंट घर के लिए दी थी।
🏠 परिवार का सहयोग
नवजोत के माता-पिता आर्थिक रूप से बहुत संपन्न नहीं हैं, लेकिन उन्होंने नवजोत को बच्चों से पीछे नहीं हटने दिया। उसे घर के कामों में नहीं लगाया गया और उसकी दौड़ लगाने के लिए पूरी खुराक का इंतजाम किया गया।
नवजोत ने अपनी पहली ट्रॉफी उस समय जीती थी जब वह 100 मीटर की रेस में 8 वर्ष से कम उम्र की कैटेगरी में थी। उस समय ट्रॉफी रखने के लिए घर में जगह नहीं थी, इसलिए पहली ट्रॉफी को एक ईंट पर रखा गया था। अब नवजोत के घर में यह पहली ट्रॉफी है, हालांकि अब एक फुट दूरबीन लगाकर उसे एक पटरी पर टिका दिया गया है।
