एजेंसी, बीजिंग
चीन ने अपने शिनजियांग प्रांत के कुनलुन पहाड़ों में सोने का एक विशाल भंडार खोजा है। इस खोज को प्रारंभिक भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के मुताबिक बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुमान है कि यहां कुल सोने का भंडार 1,000 टन से भी अधिक हो सकता है।
💰 आर्थिक और सामरिक महत्व
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, जब चीन को 1,000 टन से अधिक सोने का यह भंडार मिला है, तो यह दुनिया में शीर्ष 5 सबसे बड़े सोने के भंडारों में शामिल हो गया है। इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसकी अनुमानित कीमत 1,164 लाख करोड़ भारतीय रुपये हो सकती है।
पिछले कुछ वर्षों से वैज्ञानिक यह अनुमान लगा रहे थे कि चीन में अब सिर्फ 3,000 टन से कम सोना ही जमीन के नीचे बचा है, लेकिन यह नई खोज इस अनुमान को गलत साबित करती है।
⚔️ ताइवान और अमेरिका से तनाव
इस खोज की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब चीन का ताइवान और अमेरिका के साथ तनाव चरम पर है।
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ताइवान पर बयान: चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि जापान से आ रहे ताइवान संबंधी बयानों ने ‘लोगों की आज़ादी का माहौल’ खराब किया है और इससे चीनी नागरिकों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और जरूरत पड़ने पर बलपूर्वक कब्जा करने की बात दोहराता है।
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जापान की प्रतिक्रिया: पिछले हफ्ते जापानी संसद में एक सवाल पर प्रधानमंत्री ने ताकाशी ने कहा कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है, तो जापान को सुरक्षा के लिए खड़ा होना होगा।
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अमेरिकी प्रतिबंध: ट्रंप की पार्टी 1-क्वीबीजा पूरी तरह खत्म करेगी, जो अमेरिका में भारतीयों की एंट्री से जुड़े प्रतिबंधों को संदर्भित करता है। रिपब्लिकन पार्टी की मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कहा कि $1-क्वीबीजा का दुरुपयोग हो रहा है।
चीन के वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तेजी इसलिए आई है क्योंकि चीन ने खनन सर्वे पर बहुत ज्यादा खर्च किया है और एडवांस तकनीक अपनाई है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), दुनिया की सबसे शक्तिशाली ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार तकनीक और बेहद संवेदनशील खनिज खोजने वाले सैटेलाइट का उपयोग किया।
