कानपुर देहात, 22 नवंबर 2025। कानपुर देहात जनपद के नगर और कस्बा क्षेत्रों में कुछ बड़े कारोबारियों द्वारा अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर जीएसटी (GST) की बड़े पैमाने पर चोरी करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ये दुकानदार ग्राहकों से जीएसटी का पैसा वसूलते हैं, लेकिन उन्हें कच्चा पर्चा देकर सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे हैं।
🏙️ इन कस्बों में हो रहा है घोटाला
नवंबर माह में यह बात सामने आई है कि पूरे जनपद में बड़े-बड़े कारोबारी, जो कानपुर से सीधे माल खरीदते हैं, जीएसटी की चोरी कर रहे हैं। इन कस्बों में कानपुर देहात के मुख्य कस्बे शामिल हैं:
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कस्बे: सिकंदरा, मंगलपुर, झींझक, रसूलाबाद, शिवली, पुखरायां, मूसानगर और भोगनीपुर।
⚠️ जनता और राजस्व को दोहरा नुकसान
इन बड़े कारोबारियों द्वारा जीएसटी की चोरी करने से सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनता का खुलेआम शोषण भी हो रहा है।
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पक्का बिल से परहेज: दुकानदार लगभग प्रत्येक ग्राहक को पक्का बिल नहीं देते हैं, बल्कि कच्चे पर्चे पर ही माल बेचते हैं।
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बकाया वसूली: कई बड़े कारोबारियों पर जीएसटी बकाया है, जिसकी वसूली में जीएसटी के सहायक अधिकारी खामियां बता रहे हैं।
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बड़ी दुकानों की संलिप्तता: आरोप है कि हॉउस सीमेंट, सरैया मोरम और क्लॉथ हाउस जैसी दुकानों के कारोबारियों या बड़ी-बड़ी स्टील की दुकानों पर बड़े पैमाने पर जीएसटी की चोरी का घोटाला हो रहा है।
🗣️ अधिकारियों से शिकायत
क्षेत्र के समाजसेवी रविंद्र यादव, प्रतिमा त्रिपाठी, शैलेंद्र कुमार, हरिजोम सिंह, मुकेश शर्मा और बालक शुक्ला सहित कई लोगों ने जिला अधिकारी से ज्ञापन देकर इस पर रोक लगाने और इन दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
