कानपुर देहात | दिनांक: 18 दिसम्बर, 2025
शीतलहर की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा विभागवार “क्या करें–क्या न करें” संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है। उक्त एडवाइजरी के क्रम में जिलाधिकारी कार्यालय एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कानपुर देहात द्वारा आमजन के लिए शीतलहर से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जो निम्नलिखित हैं—
शीतलहर से पहले क्या करें
-
रेडियो सुनें, टीवी देखें एवं समाचार पत्रों के माध्यम से स्थानीय मौसम पूर्वानुमान की जानकारी प्राप्त करें।
-
पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। कई परतों वाले कपड़े शरीर को अधिक गर्म रखते हैं।
-
आपातकालीन स्थिति के लिए आवश्यक सामग्री पहले से तैयार रखें।
-
ठंड के लंबे संपर्क से फ्लू, बहती या भरी नाक, नाक से खून आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं, ऐसे लक्षण दिखने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
शीतलहर के दौरान क्या करें
-
मौसम संबंधी चेतावनियों एवं आपातकालीन निर्देशों का पालन करें।
-
यथासंभव घर के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
-
ढीले, हल्के, विंडप्रूफ ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें। टाइट कपड़े रक्त संचार को प्रभावित करते हैं।
-
शरीर को सूखा रखें तथा सिर, गर्दन, हाथ और पैरों की उंगलियों को अच्छी तरह ढककर रखें।
-
दस्ताने पहनें, क्योंकि यह उंगलियों को गर्म रखने में सहायक होते हैं।
-
ठंड से बचाव हेतु टोपी एवं मफलर का प्रयोग करें।
-
विटामिन-सी से भरपूर फल एवं सब्जियों का सेवन करें।
-
नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ पिएं।
-
त्वचा को शुष्क होने से बचाने के लिए तेल, पेट्रोलियम जेली या बॉडी क्रीम का प्रयोग करें।
-
बुजुर्गों, बच्चों एवं अकेले रहने वाले व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
-
शीतलहर के लक्षण जैसे हाथ-पैर की उंगलियों, कान या नाक की नोक पर सुन्नता, सफेद या पीला पड़ना दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
-
कंपकपी को नजरअंदाज न करें। यह शरीर के अधिक ठंडा होने का संकेत है।
-
फास्टबाइट या हाइपोथर्मिया के लक्षण जैसे अत्यधिक कंपकपी, बोलने में कठिनाई, मांसपेशियों में अकड़न, कमजोरी या चेतना का अभाव होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें।
क्या न करें
-
बंद कमरे में कोयला या अंगीठी न जलाएं, इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस उत्पन्न हो सकती है, जो जानलेवा है।
-
ठंड से संबंधित किसी भी बीमारी के लक्षण को नजरअंदाज न करें।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
-
पालतू जानवरों को शीतलहर से बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित बाड़ों में रखें।
-
एनडीएमए द्वारा जारी मोबाइल ऐप जैसे FAST (First Aid for Students & Teachers) एवं SACHET ऐप डाउनलोड कर आपदा संबंधी जानकारी प्राप्त करें।
(दुष्यंत कुमार मौर्या)
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
कानपुर देहात
