संवाददाता | उरई/जालौन
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के मसीहा स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती को किसान दिवस के रूप में जनपद जालौन में श्रद्धा, सम्मान एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला मुख्यालय उरई स्थित जमुना पैलेस में कृषि विभाग के तत्वावधान में भव्य किसान मेला आयोजित किया गया, जिसमें जनपद के प्रगतिशील किसानों सहित खेती-किसानी से जुड़े सैकड़ों किसानों ने सहभागिता की।
किसान मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, नवीन कृषि यंत्रों तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी देकर कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित करना रहा। मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य, रेशम सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां जैविक खेती, फसल विविधीकरण, सिंचाई प्रबंधन एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया उद्घाटन
किसान मेले का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन, भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सूर्य नायक, भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष साहब सिंह चौहान तथा भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम लंबरदार द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
किसानों के सर्वांगीण विकास पर सरकार का विशेष जोर
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि स्व. चौधरी चरण सिंह ने जीवनभर किसानों के अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए संघर्ष किया। आज केंद्र एवं प्रदेश सरकार उनके विचारों को धरातल पर उतारते हुए किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार द्वारा किसानों को समय पर खाद, बीज, सिंचाई, बिजली एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती लाभकारी बन रही है।
जनपद के किसानों की उपलब्धियों की सराहना
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने किसान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनपद के किसानों ने फल-पट्टी विकास, उत्पादन वृद्धि, सिंचाई क्षमता एवं फसल विविधीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर जनपद जालौन का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने कहा कि खेती एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे सरकार की योजनाएं संबल प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में गेहूं की बुवाई लगभग पूर्ण, पलावा कार्य प्रगति पर है तथा यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी समितियों पर खाद की नियमित आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नहरों के ओवरफ्लो की घटनाओं पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
किसान नेताओं ने रखे विचार
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम लंबरदार, भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष साहब सिंह चौहान एवं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन ने भी किसानों को संबोधित करते हुए अपने विचार साझा किए।
91 प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में जनपद स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य एवं रेशम विभाग के अंतर्गत कुल 91 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित किसानों में सुशील कुमार, ओमप्रकाश कौशिक, रतन सिंह, विजय सिंह, लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी, हृदय नारायण, कुसुम खन्ना, अनिरुद्ध, गोविंद सिंह, सूरज सिंह, मोहित सिंह, महेश सिंह, संतोष कुमार, रामकिशन, गणेश प्रसाद, हरि सिंह सहित अनेक किसान शामिल रहे।
किसान मेले में ड्रैगन फ्रूट, चंदन, खजूर एवं रेशम उत्पादन से संबंधित स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का समापन किसानों के सम्मान, कृषि के उज्ज्वल भविष्य एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हुआ।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
