कोंच (जालौन) क्षेत्र में बिजली संकट को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है दिन गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसानों ने एसडीएम ज्योति सिंह को एक पत्र सौंपकर विद्युत आपूर्ति की गंभीर समस्या उठाई जिसमें किसानों का कहना है कि इस समय मूंग सहित अन्य फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है जिससे फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं
किसानों ने बताया कि उन्होंने विधिवत कृषि विद्युत कनेक्शन ले रखा है इसके बावजूद उन्हें बेहद कम और अनियमित बिजली मिल रही है कई बार विद्युत विभाग से शिकायत और आपूर्ति बढ़ाने की मांग की गई लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई इससे किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है
पत्र में किसानों ने बुंदेलखंड पैकेज का भी जिक्र किया जिसके तहत क्षेत्र में पर्याप्त बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं
किसानों का आरोप है कि कागजों में योजनाएं चल रही हैं लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है साथ ही क्षेत्र की विद्युत लाइनें काफी जर्जर हो चुकी हैं जिनमें आए दिन फॉल्ट होते रहते हैं इससे सिंचाई कार्य बार-बार बाधित होता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रतिदिन कम से कम 18 घंटे नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जर्जर लाइनों व तारों को तत्काल बदला जाए उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।8
यह ज्ञापन भाकियू तहसील अध्यक्ष चतुर सिंह के नेतृत्व में अतर सिंह, प्रमोद कुमार, अभिषेक, सतीश पटेल, नमोनारायण, गोपाल, सुभाष, राहुल, रानू यादव, शत्रुधन पटेल, नीरज पटेल और देवेंद्र निरंजन सहित कई किसानों ने सौंपा। अब यह मुद्दा प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
