शहीदों को अंतिम विदाई का सम्मान का चला सिलसिला, हर आंख नम  - Aaj Tak Media

शहीदों को अंतिम विदाई का सम्मान का चला सिलसिला, हर आंख नम 

 

उरई (जालौन)  जालौन के उरई में आज का दिन इतिहास में दर्द और गर्व दोनों के साथ दर्ज हो गया। हरियाणा के नूंह जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की अंतिम विदाई का कार्यक्रम बुधवार सुबह 8 बजे से लेकर करीब 11–12 बजे तक लगातार चला इस दौरान पूरा जिला शोक में डूबा रहा।

हादसा इतना बड़ा था कि जिसने जनपद को झकझोर दिया।

कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर ड्यूटी से लौट रही पुलिस टीम की स्कॉर्पियो ओवरटेक करते समय अनियंत्रित हो गई और सामने चल रही गाड़ी से टकरा गई…इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई।जिसमें पुलिस के जवान शहीद हो गये जिसमें शहीद दरोगा मोहित यादव,दरोगा सत्यभान सिंह, कॉन्स्टेबल अशोक कुमार, सिपाही प्रदीप कुमार के अलावा वादी अमरीक सिंह शामिल हैं। इन वीर सपूतों ने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी जिनका पार्थिव शरीर सुबह 8 बजे उरई पुलिस लाइन पहुंचा बैसे ही तिरंगे में लिपटे जवानों के पार्थिव शरीर उरई पुलिस लाइन पहुंचे, पूरा माहौल गमगीन हो गया।इस दौरान मृतक जवानों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल चीख-पुकार से समूचा पुलिस लाइन परिसर गूंज उठा,हर आंख नम, हर दिल भारी 9 से 11 बजे श्रद्धांजलि और गार्ड ऑफ ऑनर का कार्यक्रम के साथ ही शहीद स्मारक पर करीब 2–3 घंटे तक लगातार श्रद्धांजलि कार्यक्रम चला इस दौरान डीजी आलोक सिंह, आईजी आकाश कुलहरी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के अलावा श अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया शहीद अमर रहें के नारों से परिसर गूंज उठा, इस दौरान सबसे भावुक पल पत्नी का विलाप सिपाही प्रदीप कुमार की पत्नी मयूरी वर्मा का दर्द देख हर कोई रो पड़ा जो पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलख बिलखकर रो रही थी जिसकों महिला पुलिस ने संभाला कुछ ही देर में बेहोश हो गईं।बताते चलें कि महज 66 दिन पहले हुई शादी और आज अंतिम विदाई देखने को मिली इस मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा पूरा पुलिस विभाग उनके परिवार के साथ खड़ा है तथा सरकार हर संभव मदद करेगी। 11–12 बजे अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपे गए तथा पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

गम और गर्व के बीच विदाई की गयी इस दर्द-निवारक घटना से जालौन में शोक की लहर पुलिस लाइन से लेकर शहीद स्मारक तक सन्नाटा छाया रहा साथी पुलिसकर्मी भी अपने आंसू नहीं रोक पाये पूरा जिला शोक में डूबा यह सिर्फ एक खबर नहीं यह बलिदान की गाथा है जालौन अपने वीर सपूतों को कभी नहीं भूलेगा।

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