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लंपी रोग को लेकर पशुपालकों ने जताई चिंता

 

जिला संवाददाता अमित गुप्ता

कालपी (जालौन)

 

कालपी/जालौन बदलते मौसम में ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में पशुओं में लंपी रोग का प्रकोप बढ़ फैल गया है। पीड़ित गौवंशो को आलमपुर गौशाला में सुरक्षित करके उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों ने लंपी बीमारी से ग्रस्त गौवशो को चिन्हित कर इलाज करने के लिये पशु पालकों को जागरूक किया गया है।

राजकीय पशु चिकित्सालय कालपी के चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेंद्र सिंह सचान ने बताया कि पशुओं में लंपी स्किन डिजीज एक गंभीर वायरल बीमारी है।जो मुख्य रूप से गाय और बैलों में फैलती है। यह बीमारी संक्रमित पशुओं से सीधे संपर्क के साथ-साथ मच्छर, मक्खी और पिस्सू जैसे खून चूसने वाले कीटों के काटने से भी फैल सकती है।रोग की चपेट में आने पर पशुओं को तेज बुखार हो सकता है। इसके अलावा शरीर, गर्दन, मुंह और पैरों पर एक से पांच सेंटीमीटर तक की कठोर गोल गांठें उभर आती हैं। संक्रमित पशु सुस्त रहने के साथ खाना-पीना और जुगाली करना कम कर देता है। आंखों से पानी तथा मुंह से लार गिरने और दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन में अचानक कमी आ जाती है। उन्होंने

पशुपालकों को जागरूक किया है कि पशुओं में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें अन्य पशुओं से अलग रखें और तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि विभागीय टीम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पीड़ित पशुओं के चंपी रोग का उपचार करने में जुटी है।नगर पालिका परिषद कालपी के द्वारा संचालित आलमपुर गौशाला के प्रभारी तथा राजस्व निरीक्षक अजीत कुमार सिंह के मुताबिक गौशाला में साफ-सफाई के अलावा मक्खी-मच्छरों की रोकथाम से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। गौशाला में बीमारी से ग्रस्त करीब 10 गौवंशो को रखकर उपचार किया गया जिसमें 8 गौवंश ठीक होकर चले गये हैं। मुहल्ला आलमपुर निवासी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि हमारे 4 पशुओं में चंपी रोग का प्रकोप है। पशुपालकों ने रोग के इलाज के लिये पुख्ता इंतजाम करने की अपेक्षा की है।

 

फोटो – लंपी रोग का उपचार करते चिकित्सक

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