कानपुर देहात, 13 नवम्बर 2025 — जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, सखी वन स्टॉप सेंटर, बाल विवाह रोकथाम, चाइल्ड हेल्पलाइन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने मिशन वात्सल्य योजनान्तर्गत विभिन्न बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं और इकाइयों की गहन समीक्षा की। उन्होंने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्यों की अनुपस्थिति पर कड़ा रोष व्यक्त किया।
🔹 डीएम के प्रमुख निर्देश
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किशोर न्याय बोर्ड के सभी लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
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विशेष किशोर पुलिस इकाई को गुमशुदा बच्चों की जानकारी पोर्टल पर समयबद्ध फीड करने के निर्देश।
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चाइल्ड हेल्पलाइन से संबंधित मामलों में बच्चों के पुनर्वासन के बाद फॉलो-अप अनिवार्य किया जाए।
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चाइल्ड हेल्पलाइन/विशेष दत्तक ग्रहण इकाई को प्राप्त नवजात शिशुओं के लिए तत्काल एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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नवजात शिशु व बाल विवाह संबंधी सूचना पर तुरंत 1098 या जिला प्रोबेशन कार्यालय को सूचना देने की अपील।
🔹 विभागीय जानकारी
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव ने बताया कि मिशन वात्सल्य के अंतर्गत जनपद, ब्लॉक, वार्ड और ग्राम स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों का गठन किया गया है।
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सभी समितियों की द्वितीय त्रैमासिक बैठकें आयोजित की गई हैं।
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बैठकों के माध्यम से कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड/सामान्य), निराश्रित महिला पेंशन, एवं स्पॉन्सरशिप योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
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बाल कल्याण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, श्रम प्रवर्तन कार्यालय, मानव तस्करी सेल एवं पुलिस के सहयोग से बाल श्रम एवं बाल तस्करी विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं।
🔹 उपस्थित अधिकारीगण
बैठक में अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हिमांशु कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर स्टाफ, चाइल्ड हेल्पलाइन टीम एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि बाल सुरक्षा, महिला सम्मान और बाल संरक्षण से संबंधित योजनाएं शासन की शीर्ष प्राथमिकता हैं। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
