लखनऊ, 21 नवंबर 2025। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत, फाइलेरिया संक्रमण का पता लगाने के लिए लखनऊ के गोसाईंगंज में नाइट ब्लड सर्वे (NBS) शुरू हो गया है। यह सर्वे 22 नवंबर तक चलेगा।
रात में रक्त के नमूने क्यों लिए जाते हैं?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि यह सर्वे फाइलेरिया के परजीवी माइक्रोफाइलेरिया का पता लगाने के लिए किया जा रहा है, क्योंकि यह परजीवी रात के समय (10 बजे से 2 बजे के बीच) रक्त के नमूने में सक्रिय होते हैं।
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सर्वे स्थल: एनबीएस के लिए गोसाईंगंज में एक रैंडम साइट और सेंटीनील साइट महमूदपुर और रहमत नगर का चुनाव किया गया है।
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नमूना लक्ष्य: प्रत्येक साइट से 300 लोगों के रक्त के नमूने लिए जा रहे हैं।
📈 फाइलेरिया संक्रमण की दर
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रितु श्रीवास्तव ने बताया कि:
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पिछले साल नवंबर में जनपद की सभी सीएचसी की कुल 44 साइटों में एनबीएस आयोजित किया गया था।
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इनमें गोसाईंगंज की एक साइट में माइक्रोफाइलेरिया रेट 1% से अधिक निकला था।
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वर्तमान में जनपद में फाइलेरिया के 2528 मरीज़ हैं, जिनमें लिम्फोडिमा के 2500 और हाइड्रोसील के 28 मरीज़ शामिल हैं।
अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए दो सदस्यीय चार टीमें गठित की गई हैं। यह सर्वे फाइलेरिया के कारण होने वाले गंभीर लक्षणों, जैसे पैरों में सूजन (लिम्फोडिमा) को रोकने के लिए आवश्यक है।
