उरई (जालौन), 25 नवंबर 2025। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (13 दिसंबर 2025) को प्रभावी रूप से सफल बनाने के लिए आज परिवार न्यायालय, उरई में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
🗣️ अधिक से अधिक मामलों में सुलह का लक्ष्य
प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री मनोज कुमार सिंह गौतम की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
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नोडल अधिकारी के निर्देश: प्रधान न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारीगण, परिवार कल्याण विशेषज्ञ, और सदस्य मध्यस्थगण को निर्देश दिए कि वे पारिवारिक, वैवाहिक एवं भरण पोषण के वादों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित करें और उनके निस्तारण का प्रयास करें।
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नोटिस तामीला: चिन्हित वादों में दोनों पक्षों को नोटिस (तामीला) एक से अधिक बार कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि सुलह वार्ता के लिए उनकी उपस्थिति अनिवार्य हो सके।
🤝 सदस्यों ने दिया सहयोग का आश्वासन
बैठक में उपस्थित अध्यक्ष/नोडल अधिकारी, परिवार न्यायालय श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय ने बताया कि पारिवारिक/भरण-पोषण वादों को चिन्हित करके लोक अदालत में निस्तारण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक का संचालन परिवार कल्याण विशेषज्ञ सुश्री प्रियंका द्विवेदी द्वारा किया गया। इस दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारूल पँवार, सदस्य मध्यस्थगण श्री विनोद प्रकाश व्यास, श्रीमती सुलेखा सिंह सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।
