टेरर मॉड्यूल का मुख्य ऑपरेटर आदिल राठेर NIA की कस्टडी में
एजेंसी (नई दिल्ली)
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच अधिकारियों को एक व्हाट्सएप चैट का ट्रेल मिला है, जिससे पता चला है कि मुख्य आरोपी पैसे के लिए कितना बेचैन था।
मुख्य आरोपी और मॉड्यूल
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आरोपी: मुख्य आरोपी का नाम आदिल राठेर है, जो नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की कस्टडी में है।
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पहचान: आदिल राठेर उस टेरर मॉड्यूल का सदस्य है, जिसने 10 नवंबर को दिल्ली में भयानक आतंकी ब्लास्ट को अंजाम दिया था, जिसमें 15 लोग मारे गए थे और 20 से ज्यादा घायल हुए थे।
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ऑपरेशन सिस्टम: यह मॉड्यूल पाकिस्तानी ऑपरटिव हैंडल और सीक्रेट चैट के माध्यम से काम करता था।
व्हाट्सएप चैट में क्या था?
व्हाट्सएप चैट आदिल राठेर के फोन से डिलीट कर दिए गए थे, जिसे डिजिटल फोरेंसिक टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के एक हॉस्पिटल के एक स्टाफ से रिकवर किया है। राठेर ने ये मैसेज 5 से 9 सितंबर के बीच भेजे थे।
| तिथि/समय | आदिल राठेर का मैसेज |
| 5 सितंबर | “5 सितंबर के अपने पहले मैसेज में, राठेर ने स्टाफ से सैलरी क्रेडिट करने के लिए आग्रह किया। (राठेर को सैलरी क्रेडिट करने की रिक्वेस्ट थी, क्योंकि उसे पैसों की जरूरत थी)।” |
| लगभग 2 घंटे बाद | दोबारा मैसेज किया, जिसमें उसने अपने अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने की रिक्वेस्ट की। |
| 6 सितंबर (सुबह) | उसने फॉलो-अप किया: “गुड मॉर्निंग, सर। आज कर दो। मैं शुक्रवार (शुक्रवार) तक रुकूंगा।” |
| कुछ घंटे बाद | उसने फिर से मैसेज किया, जिसमें ‘बहुत ज्यादा जरूरत बताई’, ‘सर, सैलरी एक्चुअली बाहर है’ जैसी बातें शामिल थीं। |
| 9 सितंबर (शाम) | इस थ्रेड का आखिरी मैसेज, जो 9 सितंबर की शाम का था, उसमें लिखा था, “कल कर दो। मुझे सच में इसकी जरूरत है, सर।” |
ब्लास्ट में शामिल अन्य सदस्य
टेरर मॉड्यूल के सदस्य मोहम्मद जम्मु और कश्मीर पुलिस में कार्यरत शफीकुल शमी, और अन्य शामिल थे, जिन्होंने 10 नवंबर को ब्लास्ट किया था।
NIA की जांच का दायरा
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विस्फोट का केंद्र: यह मॉड्यूल भंडारफोड जम्मु और कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अपने समकक्षों के साथ मिलकर चलाया था।
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कनेक्शन: आदिल राठेर उन कश्मीरी डॉक्टरों में से एक था, जो एक व्हाइट कॉलर बन कर चल रहे थे।
