कृषि नवाचार और पारंपरिक उद्योगों के सशक्तिकरण पर दिया जोर
संवाददाता — उरई/जालौन
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की डायरेक्टर भूमिका वर्मा (आईईएस) ने जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत आज कृषि विज्ञान केंद्र, रूरमल्लू का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण गतिविधियों एवं किसानों के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान डायरेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवाचार आधारित कृषि तकनीकों को और अधिक प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाया जाए, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़े और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
इसके उपरांत डायरेक्टर द्वारा कालपी स्थित हस्त कागज उद्योग का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने पारंपरिक हस्त कागज निर्माण की प्रक्रिया, कारीगरों की कार्यशैली एवं उत्पादों की गुणवत्ता का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हस्त कागज उद्योग स्थानीय रोजगार सृजन के साथ-साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस पारंपरिक उद्योग को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण, विपणन एवं वित्तीय सहयोग को मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि कारीगरों को बेहतर बाजार और आय के अवसर प्राप्त हो सकें।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। डायरेक्टर भूमिका वर्मा ने जनपद में कृषि एवं लघु उद्योगों की संभावनाओं की सराहना करते हुए उनके समग्र विकास हेतु आवश्यक सुझाव भी प्रदान किए।
