अमित गुप्ता
कालपी (जालौन)
कालपी/ जालौन कालपी रंज एवं गम के प्रतीक पर्व मोहर्रम के अवसर पर स्थानीय नगर के विभिन्न क्षेत्रों तथा इमामबाड़ों में आयोजित मजलिसों में करबला के शहीदों को याद कर गम का इजहार किया गया। मजलिसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर इमाम हुसैन एवं उनके 72 साथियों की कुर्बानियों को याद किया।
स्थानीय नगर के मोहल्ला उदनपुरा के इमामबाड़े में बीते रात को आयोजित मजलिस को सम्बोधित करते हुए दरगाह खानकाह मुहम्मदिया के सज्जादानशीन मौलाना गयासुद्दीन मियां ने कहा कि करबला का वाकया इंसानियत, सब्र तथा सच्चाई के रास्ते पर चलने का पैगाम देता है। उन्होंने लोगों से दीन की शिक्षाओं पर अमल करने तथा समाज में भाईचारा तथा इंसाफ को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने हक और इंसाफ की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी, जिससे पूरी दुनिया को अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने की सीख मिलती है। कार्यक्रम में कारी अहसान बरकाती ने किरण सुनाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इसी तरह मदरसा जमालुल उलूम मीर तिरमिजी उदनपुरा कालपी में कारी अब्दुल शमी के संयोजकत्व में जिक्र ए शहीदाना करबला का आयोजन किया गया। मजलिस के दौरान धर्मगुरुओ ने शहीदाने करबला के बयान किए। निकासापुरा में भी सज्जादानशीन मौलाना गयासुद्दीन के आवास पर भी मोहर्रम की महफ़िल का आयोजन किया गया। मजलिसों में भारी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया।
फोटो – मजलिस में सज्जादानशीन मौलाना गयासुद्दीन मियां
