अज्ञात कारणों के चलते 16 वर्षीय मेधावी छात्रा ने लगाई फांसी

 

जालौन  (उत्तर प्रदेश) एक गांव में 16 वर्षीय छात्रा शालिनी प्रजापति ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पढ़ाई में होनहार मानी जाने वाली शालिनी के इस असमय कदम से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे गांव में सन्नाटा और शोक की लहर व्याप्त है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

घटना के संदर्भ में विशेषज्ञों व डॉक्टरों का कहना है कि अक्सर किशोर पढ़ाई के बोझ, पारिवारिक अपेक्षाओं या मानसिक उलझनों को साझा नहीं कर पाते। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, जीवन में कोई भी परेशानी स्थायी नहीं होती और बातचीत से हर समस्या का समाधान संभव है।

विशेषज्ञों ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बच्चों पर परीक्षा और अंकों का दबाव न बनाएं, बच्चे की अचानक चुप्पी या व्यवहार में आए बदलाव को नजरअंदाज न करें और बच्चों के साथ रोजाना दोस्ताना माहौल में समय बिताएं ताकि वे अपनी बात बेझिझक कह सकें। मानसिक तनाव या असफलता से घबराकर ऐसा कदम उठाना हल नहीं है, कठिन समय में परिजनों या शिक्षकों से अपनी बात साझा करना ही समझदारी है।

 

रिपोर्ट महेंद्र सिंह आज तक मीडिया

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